मार्केटर्स के लिए एक नया मीडिया फॉर्मेट

नई दिल्ली। भारत की अग्रणी कंटेंट और टेक्नोलॉजी कंपनी ‘ज़ी’ ने आज ‘दिलफ्लुएंसर मोमेंट्स’ लॉन्च करने की घोषणा की। यह एक ऐसा नया समाधान है, जिसके जरिए ब्रांड एक साथ कई स्क्रीन और अलग-अलग मंचों पर दर्शकों तक असरदार तरीके से पहुंच सकेंगे और अपनी अलग पहचान बना पाएंगे।
विज्ञापनदाताओं की चुनौती : पहुंच तो है, असर कैसे बने?
भारतीय विज्ञापन जगत में बड़ा बदलाव आया है। आज मीडिया तक पहुंच आसान हो गई है, जिससे छोटे और बड़े सभी ब्रांड आसानी से विज्ञापन की जगह खरीद सकते हैं। लेकिन इसी के साथ एक नई चुनौती भी सामने आई है — इतने सारे विज्ञापनों के बीच अलग कैसे नजर आएं?
जब लोगों का ध्यान जल्दी भटकता है और हर तरफ विज्ञापन दिखाई देते हैं, तब मार्केटिंग से जुड़े लोगों के सामने अहम सवाल है — सिर्फ दिखना काफी नहीं, याद कैसे रहें? ब्रांड से जुड़ाव कैसे बने और लोग उसे अपनाएं कैसे?
‘दिलफ्लुएंसर मोमेंट्स’ : जहां किरदारों की कहानी से बने ब्रांड का असर
‘दिलफ्लुएंसर मोमेंट्स’ इसी जरूरत का ‘ज़ी’ का जवाब है। यह किरदारों पर आधारित ऐसा मीडिया फॉर्मेट है, जो कहानी को स्वाभाविक तरीके से ब्रांड से जोड़ता है और लोगों के मन में जगह बनाने में मदद करता है।
पारंपरिक विज्ञापनों की तरह यह दर्शकों के देखने के अनुभव को बीच में नहीं रोकता, बल्कि ब्रांड को उन कहानियों का हिस्सा बनाता है, जिन्हें लोग पहले से पसंद करते हैं। ‘ज़ी’ के भरोसेमंद टीवी किरदार, जिन्हें देश के लाखों घर पहचानते हैं, ब्रांड को कहानी में ऐसे जोड़ते हैं कि वह बनावटी नहीं, बल्कि सहज लगे।
‘दिलफ्लुएंसर मोमेंट्स’ के चार दमदार आधार:
1. किरदारों से भरोसा : ‘ज़ी’ के लोकप्रिय किरदार यानी दिलफ्लुएंसर्स, ब्रांड संदेश को भरोसे और भावनात्मक जुड़ाव के साथ लोगों तक पहुंचाते हैं, चाहे बात स्थानीय स्तर की हो या पूरे देश की।
2. टीवी से शुरू होकर हर जगह पहुंच : ये खास पल टीवी से शुरू होते हैं, जहां दर्शकों का भरोसा सबसे ज्यादा होता है, और फिर डिजिटल मंचों, सोशल मीडिया और कंटेंट बनाने वालों के जरिए आगे बढ़ते हैं।
3. अपने आप फैलने वाला असर : कहानी को इस तरह पेश किया जाता है कि लोग उसे खुद आगे साझा करें। इससे ब्रांड की पहचान स्वाभाविक तरीके से बढ़ती है, जबरदस्ती नहीं लगती।
4. हर मंच पर एक साथ मौजूदगी : टीवी, डिजिटल, सोशल मीडिया और कंटेंट क्रिएटर्स के नेटवर्क पर एक साथ पहुंच बनाकर यह सुनिश्चित किया जाता है कि संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे।
केस स्टडी : “तुम हो लवली” अभियान
इस पहल की शुरुआत नेशनल गर्ल चाइल्ड डे पर “जब लाइफ को लेती हो लाइटली तो लगती हो और भी लवली” संदेश के साथ हुई। ‘ज़ी’ के हिंदी और मराठी शोज़ में किरदारों से जुड़े पलों के जरिए कहानी दिखाई गई, जो डिजिटल मंचों पर अपने आप फैल गई और क्रिएटर्स व कम्युनिटी की भागीदारी से लाखों बातचीत और प्रतिक्रियाएं सामने आईं। सान्या मल्होत्रा वाली एक ब्रांड फिल्म ने इस कहानी को और मजबूती दी और दिखाया कि टीवी से शुरू हुई बात कैसे तेजी से लोगों तक पहुंच सकती है और चर्चा का हिस्सा बन सकती है।
यह अभियान नए मीडिया फॉर्मेट ‘दिलफ्लुएंसर मोमेंट्स’ के असर को दिखाता है:
– इम्प्रेशंस: +25 मिलियन — टीवी, ज़ी5 और डिजिटल सहित कई मंचों पर जबरदस्त पहुंच
– कन्वर्सेशंस: +1 हजार — दर्शकों की सक्रिय भागीदारी का संकेत
– एंगेजमेंट: 2.5 मिलियन — संदेश से गहरा जुड़ाव
– क्रॉस-प्लेटफॉर्म रफ्तार : यह अभियान टीवी से डिजिटल, सोशल मंचों, व्हाट्सऐप और लोगों की बातचीत तक सिर्फ 24 घंटों में पहुंच गया
लक्ष्मी शेट्टी, हेड – एडवर्टाइज़मेंट रेवेन्यू, ब्रॉडकास्ट एंड डिजिटल, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने कहा, “जब दर्शक बीच में रोकने वाले विज्ञापनों से दूर जा रहे हैं, तब विज्ञापनदाताओं को ऐसे पल चाहिए जो सच्चे लगें और लोगों से जुड़ें। ‘दिलफ्लुएंसर मोमेंट्स’ मार्केटर्स के लिए एक नया मीडिया फॉर्मेट है, जो किरदारों पर आधारित कंटेंट के जरिए बड़े स्तर पर पहुंच देता है। यह अलग-अलग मंचों पर सहज रूप से चलता है और दर्शकों से निजी स्तर पर जुड़ता है। इसके जरिए हम विज्ञापनदाताओं को कहानी के माध्यम से ब्रांड से जुड़ाव बनाने का मौका दे रहे हैं, जिसे ‘ज़ी’ की राष्ट्रीय पहुंच का साथ मिलता है।
कार्तिक महादेव, चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने कहा, “भारतीय विज्ञापन बाजार लगातार बढ़ा है, सिर्फ आकार में नहीं बल्कि पहुंच में भी। आज 100 मिलियन वाला ब्रांड और 10,000 मिलियन वाला ब्रांड दोनों आसानी से लोगों तक पहुंच बना सकते हैं। करीब एक लाख करोड़ के विज्ञापन बाजार का लगभग आधा हिस्सा वीडियो माध्यम से आता है, चाहे वह पारंपरिक टीवी हो या डिजिटल। ऐसे में सिर्फ पहुंच अब बढ़त नहीं देती, असली फर्क जुड़ाव से पड़ता है। यह जुड़ाव कहानी, पहचाने हुए किरदारों और ऐसे पलों से बनता है, जो अलग-अलग स्क्रीन पर दर्शकों के साथ रहते हैं। यहीं ‘ज़ी’ का ‘दिलफ्लुएंसर मोमेंट्स’ अलग साबित हो सकता है। हमारी पहुंच, हमारे दिलफ्लुएंसर्स और हमारी कहानियों से जुड़ी पहचान के साथ हम ब्रांड्स को उन पलों का हिस्सा बना रहे हैं, जिन्हें दर्शक पहले से पसंद करते हैं।
मार्केटर्स के लिए सार
– ऐसी दुनिया में जहां पहुंच खरीदना आसान है लेकिन याद रहना मुश्किल, ‘दिलफ्लुएंसर मोमेंट्स’ मार्केटर्स को एक मजबूत और बड़े स्तर का ऐसा माध्यम देता है, जो:
– ब्रांड्स को सांस्कृतिक रूप से जुड़े पलों का हिस्सा बनाता है
– स्वाभाविक तरीके से लोगों का जुड़ाव बढ़ाता है
– कई मंचों पर बड़े स्तर पर पहुंच सुनिश्चित करता है
– दर्शकों के ध्यान को लंबे समय याद तक रहने वाले ब्रांड कनेक्शन में बदलता है
