सालों किया इंतजार, अब बना राष्ट्रीय गौरव

देहरादून । यह अतीव आनन्द का विषय है कि मेरे जिन बप्पा दादाजी एवम् उनकी संस्था का नाम तक लेने से सरकारें और उनके मुलाजिम कांपते थे..आज सरकारें और उमके नौकरशाह उनके भव्य स्मारक बना रहे हैं..जीवनकाल में प्रयुक्त की गई रोजमर्रा की उनकी वस्तुओं को संग्रहालय में रखा जा रहा है.. उनकी आदमकद प्रतिमाएं स्थापित की जा रही है..मेरे परिवार द्वारा वर्षों से संरक्षित व सुरक्षित रखी गईं उनकी अनेक धरोहरों को मैंनै आदित्यनाथ भैय्या की सरकार को सौंप दिया है..इससे पहले भी भाऊदेवरस. नाना देशमुख,..रज्जू भैय्या..राजेन्द्र गुप्ता दादू..रामप्रकाश गुप्ता दादू व कल्याण सिंह समेत कुछ अन्य लोग भी उनकी निशानियों को हमारे परिवार से ले जाते रहे हैं..उनको देश के विविध-स्थानों पर रखा गया है लेकिन यह पहली बार है कि लखनऊ में नवनिर्मित ‘राष्ट्र प्रेरणा-स्थल’ पर बने संग्रहालय में हमारे परिवार का उल्लेख किया गया है..ताऊजी पण्डित राजेश्वर दयाल उपाध्याय का चित्र है..उनका उल्लेख है..मेरे समेत अन्य परिजनों का उल्लेख है..उनके चित्र हैं..मात्र यह सम्मान देने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राजनीतिक-संस्था ने इतने दशक गंवा दिए.इस सम्मान के लिए नरैण दादू..राजनाथ ताऊजी. आनन्दी बुआ….. आदित्यनाथ भैय्या समेत उनके अधिकारियों का बहुत-बहुत साधुवाद एवम् आभार..चन्द्रशेखर पण्डित भुवनेश्वर दयाल उपाध्याय..पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के प्रपौत्र एवम् प्रख्यात न्यायविद्

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