देहरादून : एक ऐसी शाम, जहां महत्वाकांक्षा को तालियों का साथ मिला और क्षेत्रीय आवाज़ों को राष्ट्रीय मंच, मॉल ऑफ देहरादून ने MOD स्पॉटलाइट 2026 का भव्य आयोजन किया। यह अपनी तरह का पहला क्रिएटर समिट था, जिसने केवल एक आयोजन नहीं किया बल्कि उत्तराखंड के डिजिटल पुनर्जागरण की शुरुआत का संकेत दिया। “उत्तराखंड में अब तक आयोजित सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित क्रिएटर समिट” के रूप में स्थापित इस कार्यक्रम में 500 से अधिक क्रिएटर्स, 1,000 से अधिक दर्शकों की लाइव उपस्थिति और 50 मिलियन से अधिक की डिजिटल पहुंच रही। यह इस बात का प्रतीक था कि क्षेत्रीय कंटेंट इकोसिस्टम को देखने और सराहने का नजरिया तेजी से बदल रहा है।

एक क्षण नहीं, एक आंदोलन
MOD स्पॉटलाइट 2026 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक आंदोलन के रूप में सामने आया। यह रेड कार्पेट की चमक के साथ उद्देश्यपूर्ण भी था। इसने पहाड़ों के क्रिएटर्स को देशभर के अवसरों से जोड़ते हुए प्रतिभा, सम्मान और नेटवर्किंग का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।
Pacific Group के एमडी अभिषेक बंसल ने कहा: “कम्युनिटी बिल्डिंग हमारे क्रिएटिव इकोसिस्टम का केंद्र है। यह प्लेटफॉर्म को ऐसा स्थान बनाती है जहां लोग जुड़ाव महसूस करते हैं। आज क्रिएटर्स न केवल हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा हैं बल्कि अर्थव्यवस्था और डिजिटल इंडिया के बड़े विज़न का भी अहम अंग हैं। वे संवाद, संस्कृति और जुड़ाव को आकार दे रहे हैं।
हमारे लिए कम्युनिटी कोई अतिरिक्त चीज़ नहीं, बल्कि हमारी नींव है। जब क्रिएटर्स साथ आते हैं, तो वे सिर्फ कंटेंट नहीं, बल्कि विचार, दृष्टिकोण और संभावनाएं साझा करते हैं। हमारा उद्देश्य इस ऊर्जा को सहयोग देना और ऐसे मंच तैयार करना है जहां प्रतिभा को पहचान मिले और आवाज़ों को विस्तार। यह समिट कला, संस्कृति, तकनीक, फिटनेस, भोजन और कहानी कहने जैसी 14 श्रेणियों में आयोजित हुआ, जिसमें 70 से अधिक पुरस्कार देकर डिजिटल क्रिएटर इकोनॉमी में उत्कृष्टता का सम्मान किया गया।
Hamssa Entertainment & Events के सिद्धांत काला ने कहा: “MOD स्पॉटलाइट सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि एक घोषणा है। लंबे समय से क्षेत्रीय क्रिएटर्स अलग-अलग काम कर रहे थे। यह मंच उन्हें वह पहचान देता है जिसके वे हकदार हैं।”
एक सुव्यवस्थित और भव्य आयोजन
कार्यक्रम की शुरुआत रेड कार्पेट, फोटो बूथ, गेम्स और विभिन्न अनुभवात्मक स्टॉल्स के साथ हुई। मुख्य अतिथि के रूप में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तराखंड सरकार के संयुक्त निदेशक डॉ. नितिन उपाध्याय उपस्थित रहे। उन्होंने उत्तराखंड को फिल्म और क्रिएटिव उद्योग के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यक्रम में अभिनेत्री, निर्माता और पर्यावरणविद् आरुषि निशंक भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जो संस्कृति और जागरूकता के समन्वय का प्रतीक हैं। एक पैनल चर्चा में कंटेंट क्रिएशन के बदलते परिदृश्य पर विचार-विमर्श हुआ। इसके बाद पुरस्कार समारोह हुआ और अंत में दीपक राठौर प्रोजेक्ट के लाइव प्रदर्शन ने कार्यक्रम को ऊंचाई पर पहुंचाया। आठ घंटे के इस आयोजन में VIP नेटवर्किंग, पापाराज़ी वॉक और सेलिब्रिटी फिनाले भी शामिल रहे। LetMeCast Production के अभिषेक पांडेय ने कहा: “हम ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना चाहते थे जो केवल क्रिएटर्स का सम्मान न करे बल्कि उनके लिए एक पूरा इकोसिस्टम तैयार करे—ब्रांड्स, ऑडियंस और अवसरों के साथ।”
प्रभावशाली क्रिएटर्स की भागीदारी
इस समिट में पंकज जीना, अंगकित जोशी, लड्डू पंवार, सोमांश डंगवाल, शुभांगी चौहान, राशी जोशी, “नॉट जस्ट ए ग्रैंडमा” और अविजीत जमलोकी (केदारवासी) जैसे क्रिएटर्स प्रमुख रहे। इसके साथ ही पूजा रावत (फूड), प्रदीप राणा (ट्रैवल), VenomsTech (टेक), किरण बिष्ट (फैशन), अंगद बिष्ट (फिटनेस) और Nazarbattu Productions (लॉन्ग फॉर्म कंटेंट) जैसे विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।
कंटेंट क्रिएशन की नई समझ
“द डिजिटल फ्रंटियर: एवरीथिंग ए क्रिएटर नीड्स टू नो” विषय पर हुई पैनल चर्चा में फिल्ममेकर लक्ष्य खंडूरी ने मॉडरेशन किया।
इसमें कंटेंट के बदलते स्वरूप और वैश्विक पहचान बनाने पर चर्चा हुई।
रजत जोशी ने कहा: “पहाड़ों के क्रिएटर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती हमेशा दृश्यता रही है। ऐसे मंच न केवल पहचान देते हैं बल्कि दिशा भी बदलते हैं।”
मजबूत साझेदारियों का सहयोग
इस आयोजन को सफल बनाने में Blaaze, Metro Active, Bird Foods, Indian Stories, JSR, Mini Cooper, Lifestyle, Mohanlal, SWA Diamonds और Geetanjali जैसे पार्टनर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
उत्कृष्टता का उत्सव
यह आयोजन केवल पुरस्कार देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उत्तराखंड की पहचान, उसकी आवाज़ और उसकी बढ़ती क्रिएटिव शक्ति का प्रतीक बना।
MOD स्पॉटलाइट 2026 ने न केवल क्रिएटर्स का सम्मान किया बल्कि प्रभाव के भूगोल को भी बदल दिया।
अब संदेश स्पष्ट है—
स्पॉटलाइट बदल चुका है, और अब यह पूरी तरह उत्तराखंड पर केंद्रित है।
