महाराष्ट्र के नागपुर से चल रहा था साइबर फ्रॉड करने का धंधा
पौड़ी। 15 लाख रूपये से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए पुलिस ने साइबर ठगी के मास्टर माइंड को गिरफ्तार कर लिया। साइबर ठगी का यह कारोबार नागपुर से संचालित किया जा रहा था। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार बीती 23 अक्टूबर 2025 को दिनकर कुमार पोखरियाल, निवासी धुमाकोट ने थाना धुमाकोट में तहरीर देकर बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने ऑनलाइन ट्रेडिंग व्हाट्सअप ग्रुप बनाकर इन्वेस्ट करने पर 700 प्रतिशत का फायदा दिलाने का झांसा दिया। जिस पर उन्होंने 15,24,496 रुपये की धनराशि बताए गए अलग-अलग बैंक एकाउंट में ट्रांसफर की। लेकिन बाद में उन्हें कोई फायदा नहीं मिला। जिसके बाद उन्हें ठगे जाने का अहसास हुआ। मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों के विवरण, डिजिटल साक्ष्य व अन्य तकनीकी जांच के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की। इस दौरान यह सामने आया कि व्हाट्सअप ट्रेडिंग ग्रुप के माध्यम से ठगी का संचालन जयन्त ताराचंद अन्नापूर्णे महाराष्ट्र के नागपुर से कर रहा है। जिस पर पुलिस ने नागपुर में अलग—अलग जगहों पर दबिश दी।
लगातार किए जा रहे प्रयासों के बाद जानकारी मिली की आरोपी अपने सहयोगी अजय रामभरोसे वाल्मीकी के साथ एक अन्य धोखाधड़ी प्रकरण में रांची जेल में बंद है। इस पर पुलिस ने धुमाकोट न्यायालय से आरोपियों का वारंट बी प्राप्त किया। जिसके बाद आरोपी जयन्त ताराचन्द अन्नापुर्णे को रांची जेल से लाया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। उसके साथी अजय रामभरोसे वाल्मीकी को भी वारंट बी के माध्यम से रांची जेल से लाकर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया प्रचलित है।

