- सीमित संसाधनों से आत्मनिर्भरता तक का सफरः दून की ‘लखपति दीदी’ संतोषी
- सोलंकी 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में करेंगी प्रदेश का प्रतिनिधित्व
- एनआरएलएम से जुड़कर 2018 में शुरू किया सफर, आज बनी लखपति दीदी
- प्रिटिंग प्रेस से रोजगार, लखपति दीदी ने चार महिलाओं को रोजगार से जोड़ा
- ब्लॉक की सभी समूह के बैनर, पोस्टर सोलंकी प्रिंटिंग प्रेस में ही होते हैं प्रिंट
- बड़ी कंपनियों के ऑर्डर से मिलता है आत्म बल- संतोषी
देहरादून: प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाली एक प्रेरणादायी कहानी देहरादून जनपद के सहसपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत शंकरपुर निवासी संतोषी सोलंकी की है, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़कर आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल कायम की है। आज संतोषी सोलंकी एक सफल उद्यमी और ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं तथा 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में विशेष अतिथि के रूप में प्रतिभाग कर प्रदेश का गौरव बढ़ाएंगी।
भारत सरकार द्वारा 77वीं गणतंत्र दिवस परेड के लिए देशभर से अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों, खिलाड़ियों, महिला स्वयं सहायता समूह सदस्यों, स्टार्टअप उद्यमियों एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आमंत्रित किया गया है। इसी क्रम में उत्तराखंड राज्य से देहरादून जनपद की संतोषी सोलंकी का चयन ‘लखपति दीदी’ के रूप में किया गया है, जो परेड में सहभागिता के साथ-साथ अपनी सफलता की प्रेरणादायी यात्रा भी साझा करेंगी।
संतोषी सोलंकी आज न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं, बल्कि वे ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का सशक्त माध्यम भी बन चुकी हैं। उन्होंने अब तक अपने गांव एवं आसपास की 250 से अधिक महिलाओं को विभिन्न उद्यमों के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया है।
वर्ष 2018 में संतोषी सोलंकी ने सेलाकुई में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह से जुड़कर प्रिंटिंग प्रेस व्यवसाय की शुरुआत की। एकता स्वयं सहायता समूह की सदस्य रहते हुए उन्होंने आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन के अंतर्गत सीसीएल, सीईएफ एवं सीसी के माध्यम से वित्तीय सहयोग एवं प्रशिक्षण प्राप्त किया। आज वे सोलंकी प्रिंटिंग प्रेस का सफल संचालन कर रही हैं, जिससे उन्होंने अब तक 60 लाख रुपये से अधिक का टर्नओवर अर्जित किया है।
सेलाकुई स्थित सोलंकी प्रिंटिंग प्रेस के माध्यम से बैनर, पोस्टर, विजिटिंग कार्ड, सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रचार सामग्री सहित विभिन्न प्रकार के प्रिंटिंग कार्य किए जा रहे हैं। संतोषी सोलंकी अपने पति के साथ मिलकर इस उद्यम का संचालन कर रही हैं तथा अपनी प्रिंटिंग प्रेस में चार स्थानीय ग्रामीण महिलाओं को रोजगार प्रदान कर उन्हें भी आत्मनिर्भर बना रही हैं।
संतोषी सोलंकी ने बताया कि पेपर वर्क के साथ फ्लेक्स मशीन की शुरुआत के बाद उन्हें बड़ी कंपनियों से भी लगातार ऑर्डर प्राप्त हो रहे हैं। टप्परवेयर प्लास्टिक कंपनी, इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड, हैब फार्मा एवं हिमालयन जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां उनकी प्रिंटिंग प्रेस से पैकेजिंग एवं प्रचार सामग्री के ऑर्डर देती हैं, जिससे बड़े स्तर पर कार्य एवं बेहतर लाभ संभव हो पा रहा है।
जिला मिशन प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर जनपद की अनेक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इसी क्रम में सहसपुर ब्लॉक की संतोषी सोलंकी प्रिंटिंग प्रेस के माध्यम से लखपति दीदी बनी हैं, जो 26 जनवरी को दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में प्रतिभाग कर प्रदेश की सफलता की कहानी साझा करेंगी।
जिला मिशन प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर जनपद की अनेक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इसी क्रम में सहसपुर ब्लॉक की संतोषी सोलंकी प्रिंटिंग प्रेस के माध्यम से लखपति दीदी बनी हैं, जो 26 जनवरी को दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में प्रतिभाग कर प्रदेश की सफलता की कहानी साझा करेंगी।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि एनआरएलएम के माध्यम से जनपद में समूह की महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली परेड के लिए प्रदेश भर से देहरादून जनपद की संतोषी सोलंकी का चयन हुआ है, जो समूह स्तर पर प्रिंटिंग व्यवसाय में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं।
आज संतोषी सोलंकी की पहचान केवल एक सफल उद्यमी के रूप में नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास की सशक्त प्रतीक के रूप में उभरकर सामने आई है। उनका यह सफर न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव और समाज की महिलाओं के भविष्य को नई दिशा दे रहा है।
