देहरादून। यूएफबीयू ने 18 मार्च को डीएफएस द्वारा जारी उस निर्देश का कड़ा विरोध किया है, जिसमें स्केल-4 एवं उससे ऊपर के अधिकारियों को पीएलआई देने की बात कही गई है।
जारी विज्ञप्ति में संयोजक यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन देहरादून संयोजक इन्द्र सिंह रावत और एआईबीओसी के राज्य सचिव हेमंत मल्होत्रा ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह अनुचित और समय से पहले लिया गया है, क्योंकि यह मुद्दा वर्तमान में मुख्य श्रम आयुक्त (सीएलसी) के समक्ष सुलह प्रक्रिया में विचाराधीन है। ऐसे में एकतरफा निर्णय सुलह प्रक्रिया को कमजोर करता है और स्थापित द्विपक्षीय व्यवस्था के खिलाफ है।
महामंत्री सीके जोशी व उप महामंत्री राजन पुंडीर ने कहा कि यह योजना कर्मचारियों की कोई मांग नहीं है। इससे कार्यबल में असमानता, असंतोष और विभाजन बढ़ेगा। जहां अधिकांश कर्मचारियों को सीमित पीएलआई मिलेगा, वहीं एक छोटे वर्ग को अत्यधिक लाभ देना न्यायसंगत नहीं है।
यूएफबीयू ने चेतावनी दी है कि यदि इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया, तो इससे बैंकिंग क्षेत्र में असंतोष पनप सकता है।

