देहरादून। देश में अमन चैन व आपसी भाईचारे की दुआ के साथ ईद—उल—फितर का त्यौहार मनाया गया।
आज यहां सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस्लामिक कैलेंडर के नौवें महीने में रमजान पूरा होने के बाद 10वें शव्वाल की पहली तारीख को ईद—उल— फितर मनया गया। शहर की 75 ईदगाह व मस्जिदों मे देश में अमन चैन व आपसी भाईचारे की दुआ के साथ ईद की नमाज अता की गयी। गोविन्द गढ स्थित ईदगाह में शहर काजी मुफ्ती हशीम अहमद कासमी ने देश की एकता व भाईचारे की दुआ के साथ सुबह साढे आठ बजे नमाज अता की गयी। इसके साथ ही जामा मस्जिद पलटन बाजार में नौ बजे, जामा मस्जिद धामावाला में आठ बजे, और शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की ईदगाह और मस्जिदों में अलग—अलग समय पर ईद—उल—फितर की नमाज अता की गयी। इसके साथ ही ईद मुबारक देने, सेवइयां व अन्य पकवान खाने खिलाने का सिलसिला दिनभर चला। गत दिवस वर्षा के बाद भी दिनभर ईद के लिए पलटन बाजार, धामावाला, झंडा बाजार, तहसील चौक, इंदिरा मार्केट में देर रात तक लोगों ने कपडे, जूते, सजावदी सामान, इत्र, फैनी, खजला, मेवों आदि की खरीदारी की। कास्मेटिक, मिठाई की दुकानों पर लोगों की भीड उमडी रही। ईद उल फितर पर मुख्य पकवान सेवई की रहती है। ईद को लेकर बाजार में सादी, भुनी, महीन व मोटी कई तरह की सेवई की जमकर खरीदारी हुई। सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोग नये कपडे पहनकर अपने परिचितों के यहां सेवई बांटने के लिए निकल पडे और एक दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारक बाद देते दिखायी दिये।

