Dehradun: प्रदेश सरकार के ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण अभियान’ के अंतर्गत थत्यूड़ (टिहरी) स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून की विशेषज्ञ मेडिकल टीम द्वारा 17 से 19 जुलाई 2026 तक तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के निवासियों को उनके घर के समीप उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना था।

शिविर के सफल संचालन में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के निम्नलिखित चिकित्सकों ने अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं:
डॉ० अंकुश सैनी: एस०आर०, बाल रोग विभाग (कैम्प कॉआर्डिनेटर)
डॉ० खुशबू मुदगल: एस०आर०, मनोरोग विभाग
डॉ० अनीता: पी०जी० जे०आर-2, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग
डॉ० सबा परवीन: पी०जी० जे०आर, ई०एन०टी० विभाग
तीन दिवसीय आयोजन के दौरान कुल 766 मरीजों (435 महिलाएं और 331 पुरुष) का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा परामर्श के साथ-साथ निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं।शिविर में सामान्य चिकित्सा, स्त्री एवं प्रसूति रोग, दंत रोग, हड्डी रोग, नेत्र रोग, ईएनटी और बाल रोग के विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
चिकित्सा सेवाओं के अतिरिक्त शिविर में 112 पैथोलॉजी टेस्ट किए गए।
इस दौरान 15 दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी किए गए, 33 आयुष्मान भारत कार्ड बनाए गए और 160 आभा (ABHA) आईडी का सृजन किया गया।
इस तीन दिवसीय शिविर के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून की प्राचार्या/डीन एवं वरिष्ठतम गायनेकोलॉजिस्ट, प्रोफेसर डॉ० गीता जैन ने कहा कि “थत्यूड़ शिविर के माध्यम से हमने 766 से अधिक मरीजों को विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया, जो हमारी टीम के कठिन परिश्रम का प्रमाण है। हम ‘स्वस्थ उत्तराखंड’ के संकल्प के साथ दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं। विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं जब दुर्गम क्षेत्रों तक पहुँचती हैं, तभी स्वास्थ्य प्रणाली का वास्तविक लाभ आम जनता को मिलता है, और हम इस शिविर के सफल आयोजन के लिए अपनी पूरी टीम की सराहना करते हैं। साथ ही, इस शिविर में उपचार के साथ-साथ आयुष्मान कार्ड और आभा (ABHA) आईडी जैसी सरकारी योजनाओं से मरीजों को जोड़ना उनके दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।”
