‘चक दे! इंडिया’ की अभिनेत्री विद्या मालवडे ने स्टोरी टीवी की ‘स्कैम २०२४ – द डिजिटल अरेस्ट स्टोरी’ से माइक्रोड्रामा की दुनिया में रखा कदम, डिजिटल ठगों से लेंगी टक्कर

विद्या मालवडे, प्रतीक सहजपाल और विनीत रैना की मुख्य भूमिकाओं वाली यह नई सीरीज़ एक ऐसी महिला की कहानी है, जो डर दिखाकर, धमकाकर और नकली पहचान बनाकर लोगों को ठगने वाले गिरोह से मुकाबला करती है।
मुंबई : क्या होगा जब सरकारी अधिकारी होने का दावा करने वाले किसी व्यक्ति का फोन आपकी जिंदगी को मुसीबत में डाल दे? देश में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी सच्चाई को पर्दे पर दिखाने के लिए स्टोरी टीवी लेकर आया है अपना नया माइक्रोड्रामा स्कैम २०२४ – द डिजिटल अरेस्ट स्टोरी। इसमें विद्या मालवडे, प्रतीक सहजपाल और विनीत रैना मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। स्मॉल टाउन बॉयज़ के निर्माण और आलोक शर्मा के निर्देशन में बनी यह रोमांचक सीरीज़ अब केवल स्टोरी टीवी ऐप पर देखी जा सकती है।
चक दे! इंडिया से पहचान बनाने वाली विद्या मालवडे इस सीरीज़ के जरिए पहली बार माइक्रोड्रामा में नजर आएंगी। वह इसमें प्रिया शर्मा का किरदार निभा रही हैं, जो एक नौकरीपेशा महिला है। उसकी जिंदगी तब पूरी तरह बदल जाती है, जब वह डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली एक बड़ी ठगी का शिकार बन जाती है। शुरुआत में यह उसकी निजी परेशानी लगती है, लेकिन जल्द ही उसे पता चलता है कि इसके पीछे धोखाधड़ी करने वाला एक बड़ा गिरोह है। यह गिरोह नकली पहचान और डर का सहारा लेकर लोगों को अपना शिकार बनाता है। जब प्रिया को पता चलता है कि वह अकेली नहीं है, तो उसकी जिंदगी एक नया मोड़ लेती है। अब सवाल यह है कि इस गिरोह से लड़ने के लिए वह किस हद तक जाएगी?
अपने किरदार और कहानी की अहमियत के बारे में बात करते हुए विद्या मालवडे ने कहा, “मैंने ऐसे महिलाओं के किरदार निभाए हैं, जो मैदान में उतरकर लड़ती हैं और आखिरी दम तक मुकाबला करती हैं। लेकिन प्रिया का किरदार निभाते समय मुझे सबसे ज्यादा डर इस बात से लगा कि उसकी जगह हममें से कोई भी हो सकता है। हमारे माता-पिता, हमारे पड़ोसी, कोई भी। प्रिया पढ़ी-लिखी है, सावधानी बरतती है और हर काम सही तरीके से करती है, फिर भी कुछ ही घंटों में अपना सब कुछ खो देती है। अब उन लोगों के बारे में सोचिए, जिन्हें डिजिटल दुनिया की ज्यादा जानकारी नहीं है। यही बात इस कहानी को खास बनाती है। अगर यह कहानी किसी एक परिवार को भी ऐसे ठगी वाले फोन कॉल पर भरोसा करने से पहले सोचने के लिए मजबूर कर दे, तो यह अपने आप में बहुत बड़ी बात होगी।”
इस नए तरीके से जुड़ने के बारे में उन्होंने आगे कहा, “मैं अब तक माइक्रोड्रामा से दूर रही थी। लेकिन इस कहानी ने मेरा ध्यान खींचा। मुझे यह बात भी अच्छी लगी कि इस तरह की कहानियां सीधे लोगों तक पहुंचती हैं। इन्हें लोग अपने फोन पर देखते हैं और उसी फोन पर उनके साथ इस तरह की ठगी भी होती है।”
इस सीरीज़ में उनके साथ बिग बॉस १५ के उपविजेता प्रतीक सहजपाल भी नजर आएंगे। वह विक्की मंडल का किरदार निभा रहे हैं, जो ठगी करने वाले गिरोह के पीछे का मुख्य व्यक्ति है। खलनायक की भूमिका निभाने के बारे में प्रतीक ने कहा, “अपराध के पीछे मौजूद व्यक्ति का किरदार निभाने के लिए मुझे यह समझना पड़ा कि यह दुनिया कितनी बेरहम और सुनियोजित तरीके से काम करती है। ये कोई अकेले ठगी करने वाले लोग नहीं हैं, बल्कि ऐसे गिरोह हैं, जो सिर्फ ९० सेकंड में किसी की सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं चाहता था कि लोगों को विक्की से नफरत हो, क्योंकि यही गुस्सा उन्हें अपनी जिंदगी में असली ठगों को पहचानने में मदद कर सकता है। स्टोरी टीवी के साथ काम करने का अनुभव मेरे लिए अब तक के काम से अलग रहा। मुझे लगता है कि माइक्रोड्रामा मनोरंजन की दुनिया में अगली बड़ी चीज बनने वाला है। मैंने सेट पर हर दिन इस सोच और बड़े लक्ष्य को महसूस किया।”
विनीत रैना इस सीरीज़ में राज ठाकुर का किरदार निभा रहे हैं। राज एक निलंबित अधिकारी है, जो इस गिरोह के खिलाफ लड़ाई में शामिल होता है। अपने किरदार के बारे में विनीत ने कहा, “राज ऐसा व्यक्ति है, जिसे अपना काम सही तरीके से करने की सजा मिली। आज भी कई अधिकारी चुपचाप ऐसे अपराधों के खिलाफ लड़ रहे हैं। मैं उन्हें सलाम करता हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “यह शो ऐसा मनोरंजन नहीं है, जो सच्चाई से नजरें चुराता है। यह सच्चाई का सीधे सामना करता है। स्टोरी टीवी माइक्रोड्रामा के जरिए जो नया तरीका पेश कर रहा है, वह वाकई खास है। ऐसी कहानी का हिस्सा बनना, जो लोगों का मनोरंजन करने के साथ उन्हें सुरक्षित रहने के लिए जागरूक भी कर सके, मेरे लिए इसे चुनने की सबसे बड़ी वजह रही।”
इस सीरीज़ में संदीप अरोड़ा आनंद के किरदार में नजर आएंगे। इनके अलावा प्रियंशी त्रिपाठी, पूजा झा, आयुषी त्यागी, शीतल तेजवानी, अशोक के. झा और योगेश पवार भी अहम भूमिकाओं में हैं।
स्कैम २०२४ – द डिजिटल अरेस्ट स्टोरी ऐसे समय में आई है, जब भारत में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार की ओर से आयोजित साइबर सुरक्षा से जुड़े एक कार्यक्रम में बताए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष २०२५ में देश में साइबर ठगी के कारण २२,४९५ करोड़ रुपये के नुकसान की
शिकायतें दर्ज की गईं। इस दौरान साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों की संख्या २८.१५ लाख तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग २४ प्रतिशत अधिक थी।
अपनी कहानी के जरिए स्कैम २०२४ – द डिजिटल अरेस्ट स्टोरी डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी के शुरुआती संकेतों के बारे में जागरूक करती है। इसमें सरकारी अधिकारी बनकर बात करना, नकली दस्तावेज दिखाना और लोगों पर दबाव डालकर उनसे पैसे ऐंठने जैसे तरीकों को दिखाया गया है।
स्कैम २०२४ – द डिजिटल अरेस्ट स्टोरी अब केवल स्टोरी टीवी ऐप पर देखी जा सकती है।: https://www.instagram.com/reels/DeojgsWALkx/