देहरादून। असत्य पर सत्य की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देने को लेकर हर साल दशहरा पर्व मनाया जाता है। देश भर के तमाम हिस्सों में दशहरा पर रावण का पुतला दहन किया जाने संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में दशहरा पर्व कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जहां पर पहली बार 181 फिट लंबे रावण के पुतले का दहन किया गया। इसके साथ ही 70 फीट ऊंचा कुंभकरण और 70 फिट ऊंचा मेघनाथ के पुतले का दहन किया गया।
खास बात यह थी कि रावण दहन के लिए रिमोट और सेंसर की व्यवस्था की गई थी, मगर ऐन मौके पर इन्होंने काम नहीं किया। जिसके बाद रावण दहन के लिए अन्य व्यवस्थाओं पर काम किया गया। आखिर में मैन्युअली तरीके से रावण का दहन किया गया। इसके बाद सीएम धामी ने जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने असत्य पर सत्य की जीत, अधर्म पर धर्म की जीत पर शुभकामनाएं दी। सीएम धामी ने कहा विजयदशमी का यह पर न सिर्फ सांस्कृतिक धरोहर का मूल हिस्सा है बल्कि हमें मानव जीवन में सत्य और धर्म के मूल्य को बताता है।
उन्होंने कहा त्योहार हमें सीखाता है कि अहंकार की ज्वाला स्वयं उसे व्यक्ति का नाश करता है। इस त्योहार पर सिर्फ रावण का पुतला दहन नहीं करना है बल्कि हम सभी को अपनी बुराइयों को त्याग करते हुए सत्य, धर्म और मानवता की राह पर चलने का संकल्प लेना होगा। भगवान राम का जीवनकाल हमें ये सिखाता है कि कैसी भी विपरीत परिस्थिति क्यू ना हो लेकिन हमें अपने सिद्धांतों और विचारों का पालन करना चाहिए। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए उत्तराखंड सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। प्रदेश में किसी भी तरह की डेमोग्राफिक चेंज को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लव जिहाद, लैंड जिहाद और मजार जिहाद के बाद अब थूक जिहाद के कलंक को भी देवभूमि की धरती से मिटाकर ही दम लेंगे। यूसीसी लागू किया हुआ, मदरसा बोर्ड समाप्त कर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण लागू किया है।
बता दें देश की आजादी के समय से यानी 1947 से ही बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी देहरादून में दशहरा पर्व का आयोजन कर रही है। ऐसे में बन्नू बिरादरी दशहरा कमेटी की ओर से इस साल 79वां दशहरा पर्व का आयोजन किया गया। ऐसे में दशहरा पर्व पर रावण के पुतले का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।

