ओपीडी न्यू कानपुर सिटी हॉस्पिटल में शुरू
कानपुर : भारत में कैंसर के बढ़ते मामलों में एक बड़ी चिंता यह है कि अधिकतर मरीजों में बीमारी का पता तब चलता है जब वह एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी होती है। मुंह और पेट का कैंसर इस बढ़ोतरी के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। इन बीमारियों की सबसे बड़ी चुनौती इनका ‘साइलेंट’ तरीके से बढ़ना है, जहां शुरुआती लक्षण या तो दिखाई नहीं देते या इतने हल्के होते हैं कि लोग उन्हें नॉर्मल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। मरीज अक्सर तब तक डॉक्टर के पास नहीं जाते, जब तक बीमारी उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को गंभीर रूप से प्रभावित नहीं करने लगती। कार्यक्रम में न्यू कानपुर सिटी हॉस्पिटल लखनपुर के डॉ. चमन कुमार वनवानी उपस्थित थे।
डॉ. चमन कुमार वनवानी, सीनियर फिजिशियन, न्यू कानपुर सिटी हॉस्पिटल ने कहा, “कानपुर में हम मुंह के कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देख रहे हैं, जिसका मुख्य कारण गुटखा, पान और स्मोकिंग जैसे तंबाकू उत्पादों का अधिक सेवन है। लोगों को लगातार रहने वाले मुंह के छाले या लाल और सफेद धब्बों जैसे शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
मुंह के कैंसर के बढ़ते मामलों पर बात करते हुए, डॉ. सुरेंद्र कुमार दबस, चेयरमैन – मणिपाल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर और ऑन्को रोबोटिक सर्जरी, नॉर्थ-वेस्ट क्लस्टर ने कहा, “मुंह और पेट के कैंसर की सबसे चिंताजनक बात यह है कि ये अक्सर तब तक पकड़ में नहीं आते, जब तक ये एडवांस स्टेज में न पहुंच जाएं। कई मामलों में लक्षण मौजूद होते हैं, लेकिन उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता। रेगुलर हेल्थ चेक-अप और समय पर स्क्रीनिंग इन कैंसर की शुरुआती पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे इलाज अधिक प्रभावी और कम जटिल हो जाता है।”
डॉ. हिमांशु शुक्ला, एचओडी और कंसल्टेंट – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, एचसीएमसीटी मणिपाल हॉस्पिटल द्वारका, नई दिल्ली ने कहा, “मरीज अक्सर बार-बार होने वाले मुंह के छाले, निगलने में दिक्कत या लगातार रहने वाली पेट से जुड़ी समस्याओं को नॉर्मल मान लेते हैं, जिससे डायग्नोसिस में देरी होती है। आज हमारा लक्ष्य केवल कैंसर का इलाज करना नहीं, बल्कि उसे शुरुआती स्टेज में पहचानकर ज्यादा प्रिसाइस तरीके से ट्रीट करना है। मिनिमली इनवेसिव और रोबोटिक तकनीकों में प्रगति के साथ हम सुरक्षित सर्जरी, तेज रिकवरी और बेहतर लॉन्ग-टर्म रिजल्ट्स देने में सक्षम हैं।”
कैंसर से जुड़ी विशेषज्ञ सलाह के लिए डॉ. हिमांशु शुक्ला हर महीने के पहले और तीसरे शनिवार को कानपुर में उपलब्ध रहेंगे। एचसीएमसीटी मणिपाल हॉस्पिटल्स मरीजों तक एडवांस कैंसर केयर पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। अस्पताल में कैंसर के लिए स्क्रीनिंग, शुरुआती डायग्नोसिस, रोबोटिक सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी सहित सभी आधुनिक ट्रीटमेंट उपलब्ध है।

