47 स्वयं सहायता समूहों को उपयोगकर्ता शुल्क की धनराशि के चेक वितरित
देहरादून। भारत सरकार एवं उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘लखपति दीदी’ पहल के अंतर्गत महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में नगर निगम देहरादून द्वारा आज दिनांक 03 अगस्त 2026 को अपराह्न 02:30 बजे आयोजित कार्यक्रम में शहर के विभिन्न वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण कार्य कर रहे 47 स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) को कूड़ा उपयोगकर्ता शुल्क (यूजर चार्ज) से प्राप्त धनराशि के चेक वितरित किए गए।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महापौर सौरभ थपलियाल एवं नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को चेक प्रदान करते हुए उन्हें स्वरोजगार, स्वावलंबन एवं आर्थिक उन्नति के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नगर निगम देहरादून स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है और स्वयं सहायता समूह इस अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर सौरभ थपलियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ‘लखपति दीदी’ पहल का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना है। नगर निगम देहरादून इस संकल्प को धरातल पर उतारते हुए महिलाओं को स्वच्छता व्यवस्था से जोड़कर सम्मानजनक रोजगार एवं नियमित आय उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से एक ओर शहर की स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ हुई है तो दूसरी ओर सैकड़ों परिवारों को स्थायी आय का स्रोत प्राप्त हुआ है। नगर निगम का प्रयास है कि अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं नगर निगम की अन्य योजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाए, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवारों एवं समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
इस अवसर पर नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी के नेतृत्व एवं उनके निर्देशों के अनुरूप उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। नगर निगम देहरादून भी इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए शहर के विभिन्न वार्डों में स्वयं सहायता समूहों को स्वच्छता व्यवस्था से जोड़कर उन्हें नियमित रोजगार एवं आय के अवसर उपलब्ध करा रहा है।
उन्होंने कहा कि घर-घर कूड़ा संग्रहण के माध्यम से प्राप्त उपयोगकर्ता शुल्क की धनराशि का पूर्ण पारदर्शिता के साथ स्वयं सहायता समूहों को वितरण किया जा रहा है। इससे महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि हो रही है तथा वे ‘लखपति दीदी’ बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं। यह पहल केवल स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने तथा उन्हें सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
नगर आयुक्त ने कहा कि स्वयं सहायता समूह आज सामाजिक परिवर्तन, महिला सशक्तिकरण, स्वावलंबन एवं जनभागीदारी के प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। स्वच्छ भारत मिशन की सफलता में भी इनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नगर निगम भविष्य में भी मुख्यमंत्रीपुष्कर सिंह धामी जी के मार्गदर्शन में महिला स्वयं सहायता समूहों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर, प्रशिक्षण, क्षमता विकास एवं आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा, जिससे अधिकाधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनने के लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि नगर निगम देहरादून स्वच्छता एवं महिला सशक्तिकरण का ऐसा मॉडल विकसित कर रहा है, जिसमें स्वच्छ शहर के साथ-साथ महिलाओं की आर्थिक उन्नति भी सुनिश्चित हो रही है। यह पहल स्वच्छ, सुंदर एवं आत्मनिर्भर देहरादून के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नगर निगम देहरादून द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। द्वितीय तिमाही (जुलाई–सितम्बर 2025) में ₹64,19,685, तृतीय तिमाही (अक्टूबर–दिसम्बर 2025) में ₹51,38,635 तथा चतुर्थ तिमाही (जनवरी–मार्च 2026) में ₹81,62,198 का उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहित किया गया। इस प्रकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल ₹1,97,20,518 का उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहित हुआ, जो स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी, नागरिकों के सहयोग एवं नगर निगम की प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था का परिणाम है।
चतुर्थ तिमाही (जनवरी–मार्च 2026) के प्रदर्शन के आधार पर स्वयं सहायता समूहों द्वारा उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण में उत्कृष्ट कार्य किया गया। इस अवधि में वार्ड-98 का ‘आदर्श’ स्वयं सहायता समूह ₹5,83,590 के संग्रहण के साथ प्रथम स्थान पर रहा। वार्ड-4 का ‘अपेक्षा’ स्वयं सहायता समूह ₹3,59,240 के संग्रहण के साथ द्वितीय तथा वार्ड-64 का ‘कात्यायनी आजीविका’ स्वयं सहायता समूह ₹3,30,430 के संग्रहण के साथ तृतीय स्थान पर रहा। नगर निगम ने इन स्वयं सहायता समूहों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इनकी कार्यशैली अन्य समूहों के लिए भी प्रेरणास्रोत है तथा भविष्य में उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण एवं स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
कार्यक्रम में लाभार्थी महिलाओं ने भारत सरकार, उत्तराखंड सरकार, महापौर सौरभ थपलियाल तथा नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्राप्त धनराशि उनके स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों के विस्तार, आजीविका के नए साधन विकसित करने तथा परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नगर निगम का यह सहयोग भविष्य में भी उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करता रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों को स्वच्छता व्यवस्था से जोड़ने का उद्देश्य केवल कूड़ा संग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना, उन्हें वित्तीय रूप से सशक्त बनाना तथा भारत सरकार एवं उत्तराखंड सरकार की महिला सशक्तिकरण संबंधी योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू करना भी है।
अंत में नगर निगम देहरादून ने संकल्प व्यक्त किया कि स्वच्छता, जनसहभागिता और महिला सशक्तिकरण को एक साथ जोड़ते हुए ऐसे प्रयास निरंतर जारी रखे जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर ‘लखपति दीदी’ बनने के लक्ष्य को प्राप्त करें तथा उत्तराखंड के समग्र विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

