चमोली । सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन के दौरान थाली भेंट गणना कक्ष में संदिग्ध गतिविधियां करता हुआ पाया गया था, जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड जोशीमठ के लामबगड़ स्थित जल विद्युत परियोजना के बैराज में सुरक्षाकर्मी के रूप में नियुक्त था और परियोजना के उच्च अधिकारियों के अतिथियों, रिश्तेदारों को VIP दर्शन कराने के लिए परियोजना के अधिकारियों द्वारा श्री बद्रीनाथ मंदिर में भेजा जाता था। श्री बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े बहुचर्चित चढ़ावा एवं दान सामग्री चोरी प्रकरण में चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए तीसरे अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है।

ज्ञातव्य है कि 08 जुलाई 2026 को श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान द्वारा कोतवाली श्री बद्रीनाथ में थाली भेंट गणना के दौरान वित्तीय अनियमितता की लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत के आधार पर मु0अ0सं0-06/2026 अंतर्गत धारा 306 एवं 316(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।मामले की गंभीरता, श्रद्धालुओं की आस्था तथा मंदिर की वित्तीय पारदर्शिता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार के निर्देश पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। विवेचना प्रभारी निरीक्षक कोतवाली श्री बद्रीनाथ महादेव प्रसाद उनियाल द्वारा की जा रही है। पूर्व में SIT द्वारा मंदिर समिति के कार्मिक प्रमोद नौटियाल एवं पूर्व कार्मिक राजेन्द्र चौहान को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है।
SIT द्वारा 25 एवं 29 जून की CCTV फुटेज का अत्यंत बारीकी से परीक्षण किया गया। जांच के दौरान एक व्यक्ति बार-बार थाली भेंट में आए दान सामग्री में से सामान निकालकर अपनी जेब में रखते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। पूछताछ में उसकी पहचान मनोज कुमार के रूप में हुई, जो जेपी पावर वेंचर्स लिमिटेड, लामबगड़ बैराज (जोशीमठ) में सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत है। उसे परियोजना के उच्च अधिकारियों के अतिथियों एवं रिश्तेदारों को VIP दर्शन कराने के लिए समय-समय पर श्री बद्रीनाथ मंदिर भेजा जाता था। CCTV फुटेज के आधार पर चोरी की पुष्टि होने पर मुकदमे में धारा 305 BNS की भी बढ़ोतरी की गई। विगत 07 अगस्त को SIT द्वारा मनोज कुमार को पूछताछ के लिए बुलाया गया। जब उसे 25 एवं 29 जून की CCTV फुटेज दिखाई गई तो उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए चोरी करना कबूल कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि चोरी की गई कुछ सामग्री उसके लामबगड़ स्थित कमरे में रखी हुई है तथा कुछ सामान उसने यात्रियों को बेच दिया। बिक्री से प्राप्त धनराशि में से कुछ उसके कमरे में रखी थी, जबकि शेष राशि उसने कंपनी के प्रोटोकॉल के तहत आने वाले अतिथियों के सत्कार में खर्च कर दी। जांच के दौरान अभियुक्त के मोबाइल फोन की रिसायकल बिन में चोरी की गई सामग्री के फोटो भी मिले। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि चोरी के बाद वह सामान अपने कमरे में ले जाकर बेडशीट पर सजाकर उसकी तस्वीरें खींचता था, जिन्हें बाद में मोबाइल से डिलीट कर दिया था।
