एनएनईएफ और एनएससीबी मेडिकल कॉलेज ने मध्य प्रदेश के पहले सिकल सेल वेलनेस हब का उद्घाटन किया

जबलपुर :आनुवंशिक (जेनेटिक) रक्त विकारों कीदेखभाल को सशक्त बनाने के लिए, नोवो नॉर्डिस्क एजुकेशन फाउंडेशन औरनेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेजने जबलपुर में मध्य प्रदेश के पहले ‘सिकल सेल वेलनेस हब’के उद्घाटन के लिए एक समझौता किया। उद्घाटन समारोह में मध्य प्रदेश की माननीयलोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री, संपतिया उइकेऔरएनएससीबी मेडिकल कॉलेजके डीनप्रोफेसर डॉ. नवनीत सक्सेनाउपस्थित रहे। इस अवसर परराष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), मध्य प्रदेशके ब्लड सेल की उप निदेशकडॉ. रूबी खानऔरएनएससीबी मेडिकल कॉलेजके शिशु रोग विभाग की सहायक प्रोफेसरडॉ. श्वेता पाठकभी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
उद्घाटन के अवसर पर नोवो नॉर्डिस्क एजुकेशन फाउंडेशन के प्रबंध न्यासी- विक्रांत श्रोत्रियने कहा,”सिकल सेल रोग एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती है। दुनिया भर में हर वर्ष सिकल सेल रोग से प्रभावित जन्म लेने वाले बच्चों में से लगभग 16प्रतिशत बच्चे भारत में जन्म लेते हैं। इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक मज़बूतव्यवस्था की आवश्यकता है। सिकल सेल रोग से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को अक्सर स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित क्षेत्रीय पहुंच और डायग्नोसिस में देरी जैसी गंभीर असमानताओं का सामना करना पड़ता है। नोवो नॉर्डिस्क एजुकेशन फाउंडेशन इन प्रणालीगत चुनौतियों का समाधान करने के लिए लक्षित क्लिनिकल हस्तक्षेपों और व्यापक जन-जागरूकता के माध्यम से पूरी तरह प्रतिबद्ध है। एनएससीबी मेडिकल कॉलेज, जबलपुर के सहयोग सेयहवेलनेस हब क्षेत्रीय स्वास्थ्य व्यवस्था को मज़बूत करेगा, जल्द डायग्नोसिस करने में सहायक होगाऔर मरीज़ों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने में एक बड़ा रूप निभाएगा। राज्य सरकारों के साथ अपनी साझेदारियों को आगे बढ़ाते हुए, हम ऐसी सुदृढ़स्वास्थ्य पहलों का समर्थन करना जारी रखेंगे, जो दीर्घकालिक बीमारियों को सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में लाएं और सभी के लिए एक अधिक सशक्तऔर स्वस्थ भविष्य बनाने में योगदान दें।”
हब के चिकित्सकीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए,एनएससीबी मेडिकल कॉलेज के डीन प्रोफेसर डॉ. नवनीत सक्सेना ने कहा, “सिकल सेल रोग का प्रभावी प्रबंधन करने के लिए मरीज़ के पूरे जीवनकाल में निरंतर और बेहतर देखभाल की आवश्यकता होती है। हमारे अस्पताल में मरीज़ोंकी संख्या बहुत अधिक है, खासकर ऐसे मरीज़जो इलाज के लिए ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से लंबी दूरी तय करके यहां पहुंचते हैं। हमारी मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था में इस समर्पित वेलनेस हब को शामिल करके हम एक विश्वसनीय और विशेषीकृत देखभाल प्रणाली विकसित कर रहे हैं, जिससे हमारा ध्यान केवल आपातकालीन स्थिति में उपचार देने तक सीमित न रहकर, नियमित और सक्रिय स्वास्थ्य देखभाल उपलब्ध कराने पर केंद्रित होगा। हमें विश्वास है कि यह एकीकृत सुविधा मरीज़ों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ और रिकवरी में सुधार लाएगी तथा मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक नया मानक स्थापित करेगी।
यह नया सिकल सेल वेलनेस हब जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों मेंसिकल सेल रोगसे प्रभावित लोगों को समग्र और व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाला एक विशेष केंद्र होगा। सिकल सेल रोग का प्रबंधन एक दीर्घकालिकप्रक्रिया है, जिसका प्रभाव व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर पड़ सकता है। यह केंद्र रोग की पूरी देखभाल पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमेंरोकथाम, शुरुआती जांच (स्क्रीनिंग), समय पर डायग्नोसिस, नियमित रक्त जांच, विशेष पोषण संबंधी योजना और मनोवैज्ञानिक परामर्शजैसी सेवाएं शामिल होंगी। इसके साथ ही, यह स्थानीय डॉक्टरों और नर्सों के कौशल विकास के लिए एक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा। यहां नियमित रूप से सामुदायिक शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि मरीज़ों के परिवारों और उनकी देखभाल करने वालों को आवश्यक जानकारी, संसाधन और सहयोग उपलब्ध हो सकेऔर वे घर पर भी मरीज़ोंकी देखभाल आत्मविश्वास के साथ कर सकें।
यह साझेदारीप्रशासनिक सहयोग, क्लिनिकल विशेषज्ञता और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर)के सहयोगसे आनुवंशिक रक्त विकारों के प्रबंधन में मौजूद कमियों को दूर करने का प्रयास करेगी। सरकार की व्यापक पहुंच और विशेषज्ञ चिकित्सा ज्ञान को एक साथ जोड़ते हुए, इस संयुक्त पहल का उद्देश्य मध्य प्रदेश में स्थानीय स्तर पर क्लिनिकल देखभाल सेवाओं को सशक्त बनानाहै। यह पहल प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण में भी सहायक होगी, जिससे वर्तमान चिकित्सा सेवाओं की कमियों को दूर करने के साथ-साथ परिवारों को समय रहते चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। नियमित निगरानी और निरंतर क्लिनिकल सहयोग के माध्यम से यह केंद्र समुदाय स्तर पर मरीज़ोंके दीर्घकालिक स्वास्थ्य में सुधार लाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है, जिससे जटिलताओं और आपातकालीन अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
डॉ. रूबी खान ने कहा,”चूंकि हमारे राज्य में सिकल सेल रोग के अधिकांश मामले आदिवासी क्षेत्रों में केंद्रित हैं, इसलिए इन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से विकसित स्वास्थ्य अवसंरचना अत्यंत आवश्यक है। जबलपुर में स्थापित यह नया वेलनेस हब हमारे प्रयासों को सक्रिय जांच (स्क्रीनिंग) और प्रभावी रोकथाम की दिशा में आगे बढ़ाएगा, जिससे बीमारी से जुड़ी जटिलताओं को गंभीर होने से पहले ही पहचाना और नियंत्रित किया जा सकेगा। विशेष जांच सुविधाएं और आवश्यक उपचार सीधे ज़रूरतमंदपरिवारों तक पहुंचाकर हम लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य सेवाओं की असमानताओं को व्यवस्थित रूप से कम करने और सभी के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में एक मज़बूतआधार तैयार कर रहे हैं।
इस पहल की सराहना करते हुए डॉ. श्वेता पाठक ने कहा, “दीर्घकालिक बीमारियों के प्रभावी प्रबंधन में लंबे समय से मौजूद कमियों को दूर करने के लिए सरकारी संसाधनों और विशेषीकृत परिचालन सहयोग का एक साथ आना आवश्यक है। यह नई सुविधा उन परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण और व्यावहारिक पहल है, जिन्हें लंबे समय से नियमित स्क्रीनिंग और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता रहा है। हमारा उद्देश्य बेहतर डायग्नोस्टिक सुविधाओं और निरंतर निगरानी के माध्यम से बीमारी की जल्द से जल्द पहचान करना है, ताकि उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं समाज के प्रत्येक ज़रूरतमंदव्यक्ति तक पहुंच सकें। हम स्थानीय समुदायों और मरीज़ों की देखभाल करने सभी लोगोंसे आग्रह करते हैं कि वे इस केंद्र से जुड़ें और यहां उपलब्ध समग्र स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ उठाएं।
मध्य प्रदेशभारत मेंसिकल सेल रोगसे सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में से एक है। राज्य में इस आनुवंशिक रोग की व्यापकता 10प्रतिशत से 33प्रतिशत के बीच है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव आदिवासी समुदायों पर पड़ता है। राज्य में सिकल सेल रोग के कुल मामलों में से लगभग 75प्रतिशत केवल चार आदिवासी जिलों – अलीराजपुर, अनूपपुर, छिंदवाड़ा और डिंडोरी- में केंद्रित हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार नेजुलाई 2023 मेंशहडोलसेराष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशनकी शुरुआत की थी, जिसका लक्ष्य 2047 तक इस बीमारी का उन्मूलन करना है। नवस्थापितजबलपुर सिकल सेल वेलनेस हबइसी राष्ट्रीय पहल को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह स्थानीय स्तर पर सुलभ, विश्वसनीय और निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कर लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य सेवाओं की असमानताओं को कम करने और सिकल सेल रोग से प्रभावित लोगों को बेहतर देखभाल प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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