समान कार्य के लिए समान वेतन की नीति के बीच उपनल कर्मियों को हटाने पर महासंघ ने जताई नाराजगी

  • विभिन्न समस्याओं को लेकर उपनल महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने कार्मिक सचिव शैलेश बगौली से की मुलाकात

देहरादून। उपनल कर्मियों की विभिन्न लंबित समस्याओं एवं मांगों को लेकर आज उपनल महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने सचिव कार्मिक शैलेश बगौली से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न विभागों में कार्यरत उपनल कर्मियों को सेवा से हटाए जाने, सेवा विस्तार, अनुबंध, पद सृजन तथा समान कार्य के लिए समान वेतन सहित कई महत्वपूर्ण विषय कार्मिक सचिव के समक्ष रखे।
महासंघ ने कहा कि एक ओर सरकार द्वारा उपनल कर्मियों के हित में “समान कार्य के लिए समान वेतन” की व्यवस्था लागू की जा रही है, वहीं दूसरी ओर कतिपय विभागों में अधिकारियों की हठधर्मिता एवं उदासीनता के कारण वर्षों से कार्यरत उपनल कर्मियों को सेवा से हटाया जा रहा है। महासंघ ने कहा कि इससे कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने कार्मिक सचिव के समक्ष प्रमुख रूप से निम्न विषय रखे—
1. राजकीय मुद्रणालय, रुड़की में कार्यरत दो उपनल कर्मियों को अकारण सेवा से हटाए जाने के मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाए।
2. उद्योग निदेशालय से हटाए गए 17 उपनल कर्मियों के प्रकरण का संज्ञान लेते हुए उन्हें राहत प्रदान की जाए।
3. सभी पात्र उपनल कर्मियों को एक समान रूप से एक साथ “समान कार्य के लिए समान वेतन” का लाभ प्रदान किया जाए, ताकि कर्मचारियों के बीच किसी प्रकार का भेदभाव न रहे।
4. जिन विभागों में उपनल कर्मी लंबे समय से कार्यरत हैं, वहां आवश्यक पदों के शीघ्र सृजन की व्यवस्था की जाए, जिससे कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।
5. विभिन्न विभागों में उपनल कर्मियों के अनुबंध एवं सेवा संबंधी मामलों में उच्च अधिकारियों द्वारा बरती जा रही उदासीनता को समाप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
6. अधिकांश पूर्व सैनिक उपनल कर्मियों को अभी तक समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस विषय का भी शीघ्र समाधान किए जाने की मांग की गई।
7. डी.ए. एवं वी.डी.ए. से संबंधित महत्वपूर्ण विषय को भी कार्मिक सचिव के समक्ष रखा गया। सचिव द्वारा इस विषय का संज्ञान लिया गया।
8. उपनल कर्मियों के सेवा विस्तार एवं सेवा से हटाए जाने से संबंधित मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई तथा कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से सेवा से हटाए जाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई।

कार्मिक सचिव ने गंभीरता से सुनी समस्याएं
महासंघ के प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखे गए सभी विषयों को सचिव कार्मिक शैलेश बगौली ने गंभीरता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सचिव कार्मिक शैलेश बगौली ने कहा कि उपनल कर्मियों से संबंधित सभी प्रकरणों को शासन स्तर पर गंभीरता से लिया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए विषयों का नियमानुसार परीक्षण कराया जाएगा तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उपनल कर्मियों से जुड़े मामलों में शासन की ओर से हरसंभव प्रयास किया जा रहा है, ताकि पात्र एवं प्रभावित कर्मचारियों को नियमानुसार उचित लाभ मिल सके।
“वर्षों से सेवा दे रहे कर्मियों का भविष्य सुरक्षित होना चाहिए”
इस अवसर पर उपनल महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने कहा कि उपनल कर्मियों ने राज्य के विभिन्न विभागों में वर्षों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दी हैं। ऐसे में बिना उचित कारण किसी कर्मचारी को सेवा से हटाना उसके परिवार की आजीविका को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि महासंघ की प्रमुख मांग है कि सभी पात्र उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ एक साथ दिया जाए। साथ ही जिन विभागों में पदों की कमी के कारण कर्मचारियों के सेवा संबंधी प्रकरण लंबित हैं, वहां आवश्यक पदों का शीघ्र सृजन किया जाए।
गोदियाल ने कहा कि राजकीय मुद्रणालय रुड़की के दो कर्मचारियों तथा उद्योग निदेशालय के 17 कर्मचारियों को हटाए जाने का मामला गंभीर है। महासंघ इन कर्मचारियों के हित में शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी करेगा। उन्होंने कहा कि सेवा विस्तार, अनुबंध, डी.ए.-वी.डी.ए. और पूर्व सैनिक कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ दिलाना भी महासंघ की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कार्मिक सचिव द्वारा प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुनने एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महासंघ को उम्मीद है कि इन सभी प्रकरणों का शीघ्र सकारात्मक समाधान होगा।
कार्मिक सचिव से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में—
महेश भट्ट, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष
विनय प्रसाद, प्रदेश महामंत्री
भूपेश नेगी, प्रदेश संगठन मंत्री
सहित महासंघ के अन्य पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
— उपनल कर्मचारी महासंघ, उत्तराखण्ड

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