उत्तराखंड–ब्रांडेनबर्ग JDI की प्रथम हितधारक बैठक आयोजित

देहरादून: उत्तराखंड सरकार और जर्मनी के ब्रांडेनबर्ग राज्य के मध्य शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं संस्थागत सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उत्तराखंड–ब्रांडेनबर्ग संयुक्त घोषणा-पत्र (Joint Declaration of Intent – JDI) के अंतर्गत प्रथम हितधारक बैठक का आयोजन आज उत्तराखंड सचिवालय में किया गया।
बैठक की अध्यक्षता डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, IAS, प्रमुख सचिव, तकनीकी शिक्षा, उत्तराखंड शासन ने की। बैठक में प्रो. (डॉ.) तृप्ता ठाकुर, कुलपति, वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (VMSBUTU); प्रो. एक्सल ब्रोंस्टर्ट, यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम, ब्रांडेनबर्ग, जर्मनी; विवेक के. मलिक, डीन, Sponsored Research & Industrial Consultancy, IIT रुड़की; प्रो. अंकित अग्रवाल, जल विज्ञान विभाग, IIT रुड़की सहित उत्तराखंड के राज्य सरकार के विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं प्रतिनिधि तथा अन्य हितधारक उपस्थित रहे।
इस सहयोग के क्रियान्वयन संस्थान VMSBUTU एवं यूनिवर्सिटी ऑफ पॉट्सडैम हैं, जबकि IIT रुड़की ज्ञान साझेदार के रूप में संबद्ध है।
डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने तकनीकी शिक्षा विभाग की दृष्टि एवं प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए प्रस्तावित सहयोग को प्रभावी संस्थागत साझेदारियों में परिवर्तित करने पर बल दिया। उन्होंने सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग एवं समन्वय का आश्वासन दिया।
प्रो. (डॉ.) तृप्ता ठाकुर ने उत्तराखंड की शैक्षणिक एवं रणनीतिक क्षमताओं तथा इस सहयोग से विद्यार्थियों और संस्थानों के लिए सृजित होने वाले अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जर्मन भाषा शिक्षा, विद्यार्थी एवं शिक्षक विनिमय, संयुक्त डिग्री कार्यक्रम तथा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव को सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया।
विवेक के. मलिक ने दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के लिए विद्यार्थी, शिक्षक एवं अकादमिक स्तर पर पारस्परिक संवाद और विनिमय के महत्व पर बल दिया। उन्होंने संयुक्त कौशल विकास कार्यक्रमों, विद्यार्थियों की रोजगारपरक क्षमता तथा स्टार्ट-अप और MSME सहयोग की संभावनाओं को महत्वपूर्ण बताया।
प्रो. अंकित अग्रवाल ने सहयोग को 5 से 10 वर्ष के दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने IIT रुड़की और ब्रांडेनबर्ग के बीच पूर्व से विकसित संस्थागत संपर्कों के आधार पर अनुसंधान एवं शैक्षणिक सहयोग को और व्यापक बनाने की आवश्यकता रेखांकित की।
प्रो. एक्सल ब्रोंस्टर्ट ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने उत्तराखंड और ब्रांडेनबर्ग की पारस्परिक एवं पूरक क्षमताओं का उल्लेख करते हुए सार्वजनिक विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
बैठक में विद्यार्थी एवं शिक्षक विनिमय, संयुक्त अनुसंधान तथा संयुक्त/द्वैध डिग्री कार्यक्रमों सहित तीन प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की गई। इसका व्यापक उद्देश्य लोगों को जोड़ना, ज्ञान का सह-सृजन करना तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य शैक्षणिक योग्यताओं के अवसर विकसित करना है। सहयोग के संभावित क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु एवं हिमालयी लचीलापन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल प्रौद्योगिकी, पर्यटन एवं आतिथ्य, जीवन विज्ञान, आपदा प्रबंधन, कृषि, कौशल विकास एवं नवाचार शामिल हैं।
बैठक में उत्तराखंड के राज्य सरकार के विश्वविद्यालयों में जर्मन भाषा पाठ्यक्रम शुरू करने, विद्यार्थी एवं शिक्षक विनिमय को बढ़ावा देने तथा संयुक्त कौशल विकास, अनुसंधान, स्टार्ट-अप एवं MSME सहयोग के अवसर विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमाऊं विश्वविद्यालय तथा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय सहित विभिन्न संस्थानों के लिए डिजिटल कृषि, पर्वतीय विज्ञान, जलवायु अध्ययन, AI, डेटा साइंस एवं आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
सहयोग के प्रस्तावित क्षेत्रों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर हितधारक परामर्श, अंतर-विभागीय समन्वय तथा एक केंद्रित टास्क फोर्स के गठन पर भी चर्चा की गई। उत्तराखंड के राज्य सरकार के विश्वविद्यालयों में उभरते क्षेत्रों से संबंधित विद्यार्थी एवं शिक्षक विनिमय कार्यक्रम शुरू करना सहयोग के महत्वपूर्ण संभावित क्षेत्रों में शामिल रहा।
यह बैठक उत्तराखंड–ब्रांडेनबर्ग JDI को शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास तथा विद्यार्थियों एवं शिक्षाविदों के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसरों पर केंद्रित दीर्घकालिक संस्थागत सहयोग में रूपांतरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।