चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )। उत्तराखंड के चमोली जिले के अंतर्गत आने वाले कर्णप्रयाग विकासखंड के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं, खासकर सड़क मार्ग से महरुम चल रहे गुनाड़, कोली तल्ली और खालधार माठा सहित छह से अधिक गांवों के ग्रामीण जल्द ही मुख्यधारा की सड़क सुविधा से जुड़ने जा रहे हैं। कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र को बुनियादी ढांचे के विकास के तहत तीन नई सड़कों की बड़ी सौगात मिली है। इन तीनों ही सड़कों के प्रारंभिक कार्यों को गति देने के लिए सरकार की ओर से 15.05 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।
वर्तमान समय में इन गांवों की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। आधुनिक युग में भी यहाँ के ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों, राशन-पानी, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तीन से साढ़े तीन किलोमीटर की अत्यधिक खड़ी चढ़ाई पैदल पार कर आवाजाही करनी पड़ती है। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों के लिए यह पैदल रास्ता किसी बड़ी सजा से कम नहीं है। लेकिन अब इन नई सड़कों की मंजूरी मिलने से ग्रामीणों के जीवन में एक नया सवेरा आने की उम्मीद जग गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, स्वीकृत की गई इन तीन नई सड़कों की कुल लंबाई 9.125 किलोमीटर है। वर्तमान में जारी किए गए 15.05 लाख रुपये के बजट का उपयोग सड़कों के निर्माण से पहले की महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए किया जाएगा। इसमें सड़कों का विस्तृत सर्वे, एलाइनमेंट (मार्ग निर्धारण), मृदा परीक्षण (सॉइल टेस्टिंग), वन अधिनियम (फॉरेस्ट क्लीयरेंस) की फाइलें तैयार करना और डीपीआर यानी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का काम शामिल है।
इन तीनों सड़कों के निर्माण और देखरेख की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) की दो अलग-अलग शाखाओं को सौंपी गई है। इसमें से लोनिवि गौचर के पास दो प्रमुख सड़कों का जिम्मा है, जबकि लोनिवि कर्णप्रयाग के पास एक महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण की जिम्मेदारी है। बजट आवंटित होते ही दोनों विभागों ने अपनी-अपनी सड़कों की डीपीआर और सर्वे की कागजी कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है।

