चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
उत्तराखंड की बेटियां आज शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयां हासिल कर रही हैं। इसी कड़ी में थराली की शोध छात्रा दिव्या नेगी ने वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। दिव्या को उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए प्रतिष्ठित यंग साइंटिस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके महाविद्यालय, बल्कि पूरे चमोली जिले का मान बढ़ा है। दरअसल डीएवी पीजी कॉलेज के जन्तु विज्ञान विभाग में शोध कर रहीं दिव्या नेगी को उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद यानी यूकॉस्ट की ओर से आयोजित 21वें उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में यह सम्मान प्रदान किया गया।
दिव्या ने चमोली जिले में पाई जाने वाली परभक्षी कीटों पर शोध किया है। उनका शोध केवल वैज्ञानिक अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र को समझने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दिव्या डीएवी पीजी कॉलेज में जन्तु विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पुष्पेंद्र कुमार शर्मा के निर्देशन में शोध कर रही हैं। वैज्ञानिक शोध के साथ-साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अपनी प्रतिभा साबित की है। दिव्या सीएसआईआर-यूजीसी नेट, गेट और अन्य परीक्षाएं उत्तीर्ण कर चुकी हैं।
सम्मेलन के दौरान विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिव्या को सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि पर प्राचार्य प्रोफेसर कौशल कुमार, उपप्राचार्य प्रोफेसर एसपी जोशी, जन्तु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शशि किरण सोलंकी और शोध निर्देशक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार शर्मा ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। दिव्या नेगी की यह सफलता पहाड़ की उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं और उन्हें साकार करने के लिए मेहनत करती हैं। विज्ञान के क्षेत्र में उनकी यह उपलब्धि बताती है कि प्रतिभा और लगन के दम पर उत्तराखंड की बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

