चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
14 नवंबर से 20 नवंबर तक आयोजित होने वाले साथ दिवसीय 74वें राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक गौचर मेले की तैयारियां प्रशासन द्वारा शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी एवं उप जिलाधिकारी कर्णप्रयाग के निर्देशन में गौचर के ऐतिहासिक मैदान में ले आउट का कार्य पूरा होने के बाद सरकारी एवं गैर सरकारी विभागों स्टालों और दुकानों के लिये स्थान चिन्हित किये जा रहे हैं। ताकि मेले में लगने वाले सरकारी एवं गैर सरकारी विभागों के स्टालों और दुकानों के लिये व्यवस्थित ढंग से स्थान उपलब्ध हो सके।
भोटिया जनजाति मेला के रूप में प्रारंभ हुआ गौचर का यह मेला उत्तराखंड के प्रमुख ऐतिहासिक एवं व्यापारिक मेलों में शामिल है। मेले में स्थानीय व्यापारियों के साथ – साथ उत्तराखंड के कई क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में व्यापारी बन्धु अपनी दुकान लगाने के लिये पहुंचते हैं। वहीं सरकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार और उपलब्धियों को लेकर विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी विभागों के अलावा महिला समूहों व अन्य संगठनों द्वारा भी अपने स्टाल प्रर्दशनी कक्ष में लगाये जाते हैं। जो मेले में प्रमुख आकर्षण रहा करती है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार द्वारा मेले की अंतिम बैठक में सभी विभागों को समय रहते सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिये गये हैं। जिसके चलते संवंधित विभागों द्वारा भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी गयी है।

