बेस अस्पताल की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई, 14 नवंबर को गौचर में गरजेगी बेस संघर्ष समिति

चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
चमोली जनपद में बेस अस्पताल की मांग को लेकर बेस संघर्ष समिति का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सिमली में बेस अस्पताल का शासनादेश जारी करने की मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे लोगों का आक्रोश अब बढ़ता जा रहा है। बुधवार को धरने पर बैठे लोगों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्रीय जनता लंबे समय से सिमली में बेस अस्पताल का शासनादेश जारी करने की मांग करती आ रही है। इस मांग को लेकर कई बार आंदोलन, मशाल जुलूस और प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक शासनादेश जारी नहीं हो पाया है, जो पहाड़ी क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। लोगों का कहना है कि अस्पतालों में मरीजों के उपचार के लिए जरूरी उपकरणों और सुविधाओं का अभाव है, जिसके चलते मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पहाड़ी क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अब बेस संघर्ष समिति ने आंदोलन को और व्यापक रूप देने का निर्णय लिया है।
समिति की ओर से आगामी 14 नवंबर को गौचर में आयोजित होने वाले मेले के शुभारंभ अवसर पर विशाल प्रदर्शन करने का ऐलान किया गया है। यह प्रदर्शन बेस संघर्ष समिति के नेतृत्व में किया जाएगा। समिति ने क्षेत्रीय जनता से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है। इस दौरान बेस संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवेंद्र नेगी, संरक्षक महेश डिमरी, भास्कर डिमरी, प्रकाश सेमवाल, हर्षवर्धन डिमरी, मोहन प्रसाद, दिनेश चंद्र, वीरेंद्र सिंह, दयाल सिंह, अनुसूया प्रसाद, अनूप डिमरी, अक्षत खंडूड़ी, मनोज कुमार, गिरीश डिमरी और सुनीता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।