- खेतों में खड़ी गेहूं की खड़ी बीघा फसल हुई बर्बाद
- किसानों ने सरकार से की मुआवजा देने की मांग
देहरादून। 24 घंटे से जारी रुक-रुक कर बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। शहर के ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों बीघा गेहूं की कटी और खड़ी फसल बारिश से प्रभावित हुई है। खेतों में पड़ी कटी फसल पूरी तरह भीग गई है, जबकि खड़ी फसल कई जगह झुक गई है, जिससे कटाई कार्य ठप हो गया है। उन्होंने सरकार से मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

मनोज कुमार, देशराज, महेंद्र सिंह, प्रदीप कुमार आदि किसानों का कहना है कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह में गेहूं की कटाई अंतिम चरण में थी, लेकिन अचानक बदले मौसम के साथ बारिश शुरू हो गई। जिससे फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। भीगी फसल को सुखाने के लिए अब दोगुनी मेहनत करनी पड़ेगी, वहीं दानों के काले पड़ने और अंकुरित होने का खतरा भी बढ़ गया है। इससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होने की आशंका है। बताया कि कर्ज लेकर तैयार की गई फसल बारिश से खराब हो रही है, जिससे आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ, तो नुकसान और बढ़ सकता है। सरकार को किसानों की इस स्थिति को देखते हुए आर्थिक मदद करनी चाहिए।
लगातार बूंदाबांदी के बीच एक कच्चा मकान ढहा
हरिद्वार। पीली पड़ाव गांव में लगातार बूंदाबांदी के बीच एक कच्चा मकान ढह गया। मकान मालिक मायाराम के अनुसार, दीवारों में नमी के कारण मकान कमजोर हो गया था। घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि टल गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन को आपदा मद से मुआवजा देना चाहिए। जिससे वह मकान की मरम्मत कर सकें।
