जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण ने जागरों से माहौल पूर्णतया भक्ति मय कर दिया।
देहरादून। राजधानी के प्रसिद्ध माँ कालिंका देव डोली मंदिर में शुक्रवार को आठवाँ वार्षिक उत्सव बड़े श्रद्धाभाव और पारंपरिक जोश के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलित कर विधिवत रूप से किया गया। आयोजन में आराधना, भजन-कीर्तन, विशेष जागरण और प्रसाद वितरण सहित विविध धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए। आयोजन के पीठाधीश और मुख्य संयोजक परमजीत नेगी ने बताया कि इस शुभ अवसर पर सुप्रसिद्ध जागर गायक डॉ. प्रीतम भरतवाण विशेष आमंत्रित अतिथि थे। डॉ. भरतवाण ने अपने मधुर और भावपूर्ण जागरों से कार्यक्रम का वैभव बढ़ाया और श्रद्धालुओं ने उनकी प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया। समारोह में सुबह की आराधना से प्रारम्भ कर शाम तक निरंतर भजन-कीर्तन और विशेष जागरण जारी रहा। कार्यक्रम में आए श्रद्धालुगणों ने भी अपने जीवन के अनुभवों से भी मीडिया को अवगत कराते हुए बताया कि उन्हें कई सालों से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था परंतु यहां आने के बाद से उनकी समस्याओं का समाधान हो गया। उपासक परमजीत नेगी ने कहा कि श्रद्धालुओं से समय पर पहुँचने और स्थानीय निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया था, जिसका पालन भक्ति-समारोह के सुचारू संचालन में निहित रहा। आयोजक समिति ने सभी परिवारों और स्थानीय सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। स्थानीय श्रद्धालुओं ने आयोजन की स्तुति करते हुए कहा कि यह पर्व समुदाय में एकता और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखने का माध्यम है। विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रीतम भरतवाण की प्रस्तुति ने विशेष रूप से युवाओं को भी कार्यक्रम से जोड़ा। माँ कालिंका देव डोली मंदिर का यह वार्षिक उत्सव पिछले आठ वर्षों से नियमित रूप से मनाया जा रहा है और क्षेत्रीय लोक-धार्मिक परंपराओं को निभाने का एक प्रमुख अवसर बन चुका है।

