बलाती से सेना शिफ्टिंग को तीन स्थान चिन्हित

  • जैव विविधता, जल भंडारण क्षेत्र को भविष्य में किसी को भी आवंटित ना करे
  • स्थानीय प्रशासन की पहल पर हुई बैठक
  • मुनस्यारी में पर्यावरण बटालियन की उठी मांग

मुनस्यारी। जैव विविधता एवं पेयजल स्रोतों को संरक्षित रखने के लिए बलाती फॉर्म से भारतीय सेना की शिफ्टिंग करने के लिए हुई बैठक में नये स्थान चिन्हित किए गए। इन स्थानों का सेना, राजस्व विभाग द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। एसडीएम के सम्मुख पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष ध्यान दिए जाने की मांग की गई। भविष्य में पर्यावरणीय दृष्टिकोण से संवेदनशील क्षेत्र को किसी को भी आवंटित नहीं करने का अनुरोध भी स्थानीय प्रशासन से किया गया।
एसडीएम डां ललित मोहन तिवारी की उपस्थिति में सेना के अफसरों के साथ स्थानीय जन प्रतिनिधियों की बैठक हुई।
बैठक में बलाती फॉर्म के जैव विविधता तथा पेयजल भंडारण क्षेत्र पर विशेष रूप से बातचीत की गई। बैठक में यह मांग उठी कि बलाती फॉर्म से भारतीय सेना को सम्मान के साथ अन्य स्थान में शिफ्टिंग करने पर समयबद्ध ढंग से प्रयास किया जाए।
बैठक में रुडखान सहित तीन स्थानों को चिन्हित किया गया है।
बैठक में बलाती फॉर्म की भूमि भविष्य में किसी भी संस्था को आवंटित नहीं करने का अनुरोध किया गया।
बैठक में सेना के सम्मुख यह मांग रखी कि सीमांत क्षेत्र में एक पर्यावरण बटालियन की स्थापना की जाए।
सेना से क्षेत्र में जन लाभकारी योजनाओं को संचालित करने के लिए भी योजना बनाने की मांग की गई।
बैठक में सैन्य अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में मल्ला जोहर विकास समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मशक्तू, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत सिंह मर्तोलिया, गोकर्ण सिंह मर्तोलिया, केदार सिंह मर्तोलिया, नित्यानंद पंत, क्षेत्र पंचायत सदस्य ईश्वर सिंह कोरंगा, शंकर सिंह धर्मशक्तू, लोक बहादुर सिंह जंगपांगी, गणेश राम, गोवर्धन सिंह गडबगी आदि उपस्थित रहे।

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