- खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने धान खरीद सत्र 2026-27 की तैयारियों को लेकर की बैठक, 7 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का रखा गया लक्ष्य
- बैठक में महत्वपूर्ण सुझाव भी हुए प्राप्त, संबंधित सुझावों पर जल्द सकारात्मक निर्णय का दिया आश्वासन-रेखा आर्या
देहरादून: खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने आगामी खरीफ क्रय सत्र 2026-27 में धान एवं मंडुवा खरीद की तैयारियों को लेकर आज विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों एवं राइस मिलर्स संगठन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की। बैठक में खरीद प्रक्रिया से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने जानकारी दी कि खरीफ क्रय सत्र 2026-27 में 7 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस वर्ष साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,441 प्रति क्विंटल, जबकि ग्रेड-ए धान का MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
इसी प्रकार मंडुवा (रागी) की खरीद का लक्ष्य 12 हजार मीट्रिक टन रखा गया है। मंडुवा के लिए ₹5,205 प्रति क्विंटल MSP निर्धारित किया गया है। धान एवं मंडुवा दोनों की खरीद प्रक्रिया 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक संचालित की जाएगी।
विभागीय मंत्री ने बैठक में मिलर्स को किए जाने वाले भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी अधिकारियो को दिए।बताया कि पूर्व में जहां मिलर्स को भुगतान 72 घंटे के भीतर किया जाता था, वहीं अब सरकार द्वारा 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि सभी क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं और खरीद के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही मंडियों एवं क्रय केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं खरीद प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, ताकि धान खरीद का कार्य सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके।
इस दौरान राइस मिलर्स एवं अन्य प्रतिनिधियों द्वारा खरीद प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किए गए। संबंधित सुझावों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया गया। बैठक में प्रमुख सचिव एल. फेनई, अपर सचिव कृषि आनंद श्रीवास्तव, आरएफसी कुमाऊं सी.एस. मर्तोलिया, आरएफसी गढ़वाल सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं राइस मिलर्स संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

