108 एंबुलेंस धक्के के सहारे, पहाड़ों में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली

चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
पहाड़ों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के बीच आपातकालीन 108 एंबुलेंस सेवा भी सवालों के घेरे में है। जोशीमठ क्षेत्र में संचालित 108 एंबुलेंस के धक्के के सहारे स्टार्ट होने की स्थिति ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा का उद्देश्य दुर्घटना, गंभीर बीमारी या अन्य आपात स्थिति में मरीज को तत्काल अस्पताल तक पहुंचाना है। ऐसे में यदि एंबुलेंस खुद ही तकनीकी खामी के चलते सड़क पर खड़ी हो जाए या उसे स्टार्ट करने के लिए धक्का लगाना पड़े, तो आपातकालीन सेवा की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अस्पतालों की दूरी और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण 108 एंबुलेंस मरीजों के लिए जीवनदायिनी सेवा है। ऐसे में एंबुलेंस की तकनीकी स्थिति खराब होना मरीजों के लिए परेशानी और जोखिम बढ़ा सकता है। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग से एंबुलेंस की तत्काल तकनीकी जांच कराने, आवश्यक मरम्मत कराने और आपातकालीन सेवा के लिए पूरी तरह दुरुस्त वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पहाड़ों में स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है।