देहरादून । उत्तराखंड के आंदोलनकारी एवं समाजसेवी मोहन सिंह खत्री के पुत्र प्रणव खत्री ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर 11वीं बार रक्तदान कर मानव सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाते हुए उन्होंने जरूरतमंद स्कूली बच्चों को स्टेशनरी सामग्री वितरित कर समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया।
प्रणव खत्री ने बताया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण होते ही उन्होंने रक्तदान करना प्रारंभ कर दिया था। इसके बाद कोरोना काल में जब उन्होंने देखा कि रक्त की कमी के कारण अनेक लोगों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा और कई लोगों की जान तक चली गई, तब उन्होंने अपने मन में यह संकल्प लिया कि वे अपने जन्मदिवस तथा हर शुभ अवसर पर रक्तदान अवश्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि जब भी किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त नहीं मिल पाता, तब यह महसूस होता है कि रक्तदान कितना महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि इंसान को दूसरों के लिए हमेशा कुछ न कुछ करते रहना चाहिए, क्योंकि रक्तदान के माध्यम से किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे आगे आकर रक्तदान करें और समाज सेवा से जुड़ें।
प्रणव खत्री ने कहा कि जन्मदिवस पर महंगी पार्टियां करने से बेहतर है कि जरूरतमंद बच्चों की सहायता की जाए और समाज के लिए ऐसा कार्य किया जाए जिससे किसी को वास्तविक लाभ मिल सके। इसी भावना के साथ उन्होंने स्कूली बच्चों को स्टेशनरी सामग्री वितरित कर शिक्षा सहयोग का संदेश दिया।
इस अवसर पर पांवटा साहिब से पहुंचे सरदार सरमौर सिंह ने भी रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान अवश्य करना चाहिए, क्योंकि रक्त किसी मशीन में नहीं बनता, यह केवल मानव शरीर में ही बनता है। एक यूनिट रक्तदान से चार लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि वे लगभग 9 बार रक्तदान कर चुके हैं और आगे भी इस सेवा कार्य को जारी रखेंगे।
राहुल भंडारी ने बताया कि वे अब तक 19 बार रक्तदान कर चुके हैं और प्रत्येक तीन माह बाद नियमित रूप से रक्तदान करते हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने साथियों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करते रहते हैं और विभिन्न सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़े रहते हैं। उनका कहना है कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान दून ब्लड बैंक स्टाफ द्वारा रक्तदाताओं को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर अमित कश्यप, सागर कुमार, प्रेम पंत एवं विकास द्वारा रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
विशेष रूप से समाजसेवी एवं आंदोलनकारी मोहन सिंह खत्री द्वारा अब तक 129 रक्तदान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। उन्होंने संकल्प लिया है कि अपने जीवनकाल में अधिक से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित कर समाज के लिए सहयोग का कार्य करते रहेंगे तथा लोगों को रक्तदान के लिए निरंतर प्रेरित करेंगे।

