चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत चमोली पुलिस ने नशे की खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। देवाल क्षेत्र के रामपुर तोक में पुलिस और विभागीय टीम ने करीब 70 नाली भूमि पर की जा रही अवैध भांग की खेती को चिन्हित कर नष्ट किया। इस दौरान ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के साथ-साथ साइबर अपराधों से बचाव के लिए भी जागरूक किया गया।
उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत चमोली पुलिस लगातार अवैध नशे के कारोबार और नशीले पदार्थों की खेती के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। एसओजी चमोली, चौकी देवाल, समाज कल्याण विभाग, विधिक सेवा प्राधिकरण और वन विभाग की संयुक्त टीम ने रामपुर तोक में अभियान चलाया।
अभियान के दौरान करीब 70 नाली भूमि पर की जा रही अवैध भांग की खेती को चिन्हित कर नष्ट किया गया। टीम ने आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया और ग्रामीणों को चेतावनी दी कि अवैध रूप से भांग की खेती करना कानूनन अपराध है। ऐसा करते पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने ग्रामीणों को भांग और नशे से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी दी। साथ ही लोगों से अपने आसपास उगी जंगली भांग को भी सामूहिक प्रयास से नष्ट करने और क्षेत्र के युवाओं को नशे से दूर रखने की अपील की गई।
अभियान के दौरान प्रभारी एसओजी उपनिरीक्षक सतेन्द्र बुटोला ने ग्रामीणों को साइबर अपराधों के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने फर्जी KYC अपडेट, बैंक या एटीएम बंद होने का झांसा, ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग, फर्जी लोन, नौकरी के नाम पर ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों को सलाह दी गई कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM या डेबिट कार्ड की जानकारी, PIN, CVV, बैंक खाता विवरण और पासवर्ड साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान ऐप डाउनलोड करने से भी बचने की अपील की गई।
पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। साथ ही ग्रामीणों से अपने परिवार के बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की अपील की। इस दौरान चौकी प्रभारी देवाल राकेश डिमरी, कॉस्टेबल सलमान सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

