देहरादून । देहरादून के प्रेस क्लब में सोमवार को एक अलग तरह की राजनीतिक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई।
यहाँ न नारे लगे…
न किसी पार्टी पर हमला हुआ…
न “सरकार गिरा देंगे” जैसी बातें हुईं।
यहाँ बात हुई —
खाली होते पहाड़ों की।
उस दर्द की…
जिसे उत्तराखंड का लगभग हर परिवार महसूस करता है।
उत्तराखंड जन समर्थन पार्टी (UJSP) ने अपनी पहली आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुद को एक “Political Startup” बताया और कहा कि उनकी लड़ाई सत्ता से पहले “सोच बदलने” की है।
कार्यक्रम की शुरुआत उत्तराखंड की वर्तमान स्थिति पर आधारित 7 मिनट की एक विज़न फिल्म से हुई, जिसमें खाली गाँव, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं की निराशा को दिखाया गया।
इसके बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हरेंद्र कनेरी ने एक भावनात्मक संबोधन दिया।
उन्होंने कहा:
> “मैं कोई नेता की तरह बात नहीं करना चाहता…
> मैं एक आम उत्तराखंडी की तरह बात करना चाहता हूँ।”
उन्होंने कहा कि वे खुद चमोली ज़िले के नारायणबगड़ ब्लॉक से हैं और बेहतर शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उन्हें भी पहाड़ छोड़कर देहरादून आना पड़ा।
उन्होंने कहा:
> “पलायन केवल आर्थिक समस्या नहीं…
> यह भरोसे के टूटने का परिणाम है।”
अपने संबोधन में उन्होंने एक सामाजिक मनोविज्ञान की तरफ भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि आज कई युवा अपनी गढ़वाली पहचान तुरंत नहीं बताते क्योंकि धीरे-धीरे पहाड़ और गरीबी को एक साथ जोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा:
> “अगर पहाड़ गरीब रहेंगे…
> तो धीरे-धीरे हमारी भाषा,
> हमारी संस्कृति,
> हमारे लोक कलाकार,
> survival mode में चले जाएँगे।”
हरेंद्र कनेरी ने सवाल उठाया कि आखिर पहाड़ गरीब हुए कैसे?
उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण लोग मैदानों की तरफ गए और धीरे-धीरे पूरी अर्थव्यवस्था भी shift हो गई।
उन्होंने यह भी कहा कि गलत नीतियाँ इसलिए बनीं क्योंकि जनता अपने असली मुद्दों पर वोट नहीं करती।
> “हम कभी जाति देखकर,
> कभी धर्म देखकर,
> कभी लहर देखकर vote दे देते हैं…
> लेकिन जिस दिन जनता को अपने असली मुद्दे clear हो जाएँगे,
> उस दिन system बदलना शुरू हो जाएगा।”
UJSP ने अपनी राजनीति को “solution-L ed politics” बताया और कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं बल्कि लोगों का “mindset बदलना” है।
कार्यक्रम में पार्टी ने अपने 6 मुख्य संकल्प भी प्रस्तुत किए जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि निर्यात, पर्यटन, रोजगार और भूमि-संस्कृति संरक्षण शामिल रहे।
इसी दौरान पार्टी की आधिकारिक website भी लॉन्च की गई, जिसे जनसंवाद और जनभागीदारी का मंच बताया गया।
कार्यक्रम में केंद्रीय अध्यक्ष धन सिंह नेगी, केंद्रीय मुख्य महासचिव अनिल जुयाल, प्रदेश महासचिव अरुण रावत, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष सूरज नेगी, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष अंजली उनियाल और महिला प्रकोष्ठ महासचिव सरवेश सिंह भी उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम में एक बात बार-बार दोहराई गई:
“राजनीति नहीं, सोच बदलिए।”

