पंतनगर । गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। क्वाकवेरेली साइमंड्स (क्यूएस) द्वारा जारी एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में पंतनगर ने भारत के कृषि विश्वविद्यालयों में पहला स्थान हासिल किया है। कुलपति डा. शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने बताया कि यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है, क्योंकि क्यूएस एशिया रैंकिंग में सामान्य विश्वविद्यालयों, आईआईटी, आईआईएससी, मेडिकल, प्रबंधन और निजी विश्वविद्यालयों से सीधी प्रतिस्पर्धा होती है। ऐसे में एक विशेषज्ञ कृषि विश्वविद्यालय का समग्र सूची में बने रहना उसकी बहुआयामी क्षमता को दर्शाता है। इस अवसर पर डा. एसके गुरू, नोडल अधिकारी, योजना एवं तकनीकी प्रकोष्ट, डा. ममतेश कुमार, डा. पंकज कुमार, डा. रवि मोहन श्रीवास्तव, डा. मनीषा रानी, डा. जेपी पुरवार आदि लोग उपस्थित थे।
कृषि विश्वविद्यालयों में नंबर वन
इस रैंकिंग में कृषि विश्वविद्यालय ही नहीं, सभी विश्वविद्यालय शामिल किए जाते हैं। इसमें पंतनगर के साथ तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय, कोयंबटूर भी स्थान बनाने में सफल रहा। यह उपलब्धि इसलिए विशेष है, क्योंकि क्यूएस रैंकिंग में सामान्य विश्वविद्यालयों, आईआईटी, आईआईएससी, मेडिकल, प्रबंधन और निजी विश्वविद्यालयों से सीधी प्रतिस्पर्धा होती है। ऐसे में एक विशेषज्ञ कृषि विश्वविद्यालय का समग्र सूची में बने रहना उसकी बहुआयामी क्षमता को दर्शाता है।
एशिया और भारत की स्थिति
इस वर्ष रैंकिंग अब तक की सबसे बड़ी रही, जिसमें 26 उच्च शिक्षा प्रणालियों के 1,722 विश्वविद्यालय शामिल किए गए। एशिया में शीर्ष पर हांगकांग विश्वविद्यालय रहा, दूसरे पर पेकिंग विश्वविद्यालय और तीसरे पर सिंघुआ विश्वविद्यालय रहा।
शीर्ष-10 में हांगकांग के पांच विश्वविद्यालयों ने दबदबा बनाया। प्रतिनिधित्व में चीन 448 विश्वविद्यालयों के साथ पहले और भारत 325 विश्वविद्यालयों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। भारत के 34 नए विश्वविद्यालय जुड़े और शीर्ष-200 में भारत के 21 संस्थान रहे। भारत से आईआईटी दिल्ली 66वें, आईआईएससी बेंगलुरु 79वें और आईआईटी बाम्बे 83वें स्थान पर रहे।
11 मापदंडों पर हुई रैंकिंग
क्यूएस रैंकिंग 11 मापदंडों पर आधारित है – अकादमिक प्रतिष्ठा 30 प्रतिशत, नियोक्ता प्रतिष्ठा 20 प्रतिशत, फैकल्टी-छात्र अनुपात, शोध उद्धरण प्रति पेपर, प्रति फैकल्टी पेपर, अंतरराष्ट्रीय शोध नेटवर्क, पीएचडी धारक फैकल्टी और स्थिरता। भारत ने प्रति फैकल्टी पेपर और पीएचडी फैकल्टी में मजबूती दिखाई।
पंतनगर की तैयारी ने दिलाई सफलता
पिछले कुछ माह में नियोजित प्रयासों से विश्वविद्यालय की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। एएनआरएफ शोध प्रस्ताव, शोध प्रकाशनों में वृद्धि, 40 से अधिक नए एमओयू, स्मार्ट कृषि की योजनाएं, ड्रोन तकनीक प्रशिक्षण केन्द्र, ब्रिज सीरीज से अंतरराष्ट्रीय नेटवर्किंग, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम, छात्र प्लेसमेंट में सुधार और आईसीएआर-नैक तैयारियों ने विश्वविद्यालय को मजबूती दी।

″कुलपति ने कहा, यह रैंकिंग शिक्षकों, वैज्ञानिकों और छात्रों के सामूहिक परिश्रम का परिणाम है। पंतनगर देश का पहला कृषि विश्वविद्यालय है और हमारी जिम्मेदारी भी पहली है। हमारा लक्ष्य केवल रैंकिंग नहीं, कृषि शिक्षा का नया स्वरूप खड़ा करना, शोध और तकनीकी से किसान की आय बढ़ाना और 2047 के विकसित भारत के लिए कृषि को शीर्ष पर लाना है। उन्होंने कुलाधिपति ढाल सिंह बिसेन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सहयोग के लिए आभार प्रकट किया।″
