कला देश की संस्कृति को जीवंत बनाती हैं : डा ममता सिंह

देहरादून ।एम के पी पीजी कालेज के चित्रकला विभाग द्वारा विश्व कला दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदशनी तथा छात्राओं द्वारा ततस्थलीय चित्रण किया गया । कार्यक्रम संयोजिका डा ममता सिंह ने विश्व कला दिवस के विषय में उद्बोधन देते हुए बताया कि कला अभिव्यक्ति का माध्यम है और किसी भी देश की संस्कृति सभ्यता को वहां की कला के माध्यम से जाना जा सकता है,आज विश्व कला दिवस के अवसर पर छात्राओं ने विभिन्न देशों की कला को प्रस्तुत किया है। कार्यक्रम की अध्यक्षा डा सरिता कुमार ने छात्राओं की सृजनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि प्रदर्शनी में जहां भारत की विविध लोक कलाओं को दिखाया है वहीं अफ्रिका, आस्ट्रेलिया जैसे देशों की लोककलाओं के भी सुंदर उदाहरण दिखाये गये हैं । खुशबू ने विश्व कला दिवस पर अपने विचार प्रकट किए और बताया कि यूनेस्को द्वारा 2012 से इसे प्रारंभ किया गया ।कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी सपना कुनियाल तथा सोनाली नेगी द्वारा किया गया। प्रदर्शनी में भारत के विभिन्न राज्यों की लोककलाएं, विभिन्न देशों की लोककला के चित्र प्रदर्शित किये
गए साथ ही अनेक विख्यात कलाकारों के चित्रों की प्रतिकृति भी प्रदर्शित की गई हैं जिनमें लियोनार्डो विंसी, रैम्ब्रा, एम एफ हुसैन, जामिनी राय,अमृता शेरगिल उल्लेखनीय हैं। कार्यक्रम में ज्योत्सना शर्मा, डा एल्वी दास, डा तूलिका चंद्रा, पूनम सिंह, सौम्या एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। प्रदर्शनी में वर्ली, मधुबनी, अफ्रीकन लोककला, मोनालिसा, एपण, चित्रो को विशेष रूप से सराहना
मिली।

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