देहरादून । एन.सी.सी डायरेक्टरेट,11-उत्तराखंड,बटालियनके तत्वाधान में आज अंतिम दिन दो सौ(200)एन.सी.सी प्रशिक्षु दल सूबेदार मेजर जियालाल,सूबेदार मेजर कमलेश्वर रावत जीएवं नायक सूबेदार पंकज थापा,नायक सूबेदार जावेद अली,हवलदार महेश, हवलदार हरीश सिंह कवंर (ESM), हवलदार धीरज छेत्री (ESM), दीप्ति (ANO), गौरव भट्ट(ANO)की अगुवाई में खलंगा स्थित सागरताल से वार मेमोरियल तक आधिकारिक भ्रमण पर पहुंचे। समिति के अध्यक्ष कर्नल विक्रम सिंह थापा जी(वेटरन) के मार्गदर्शन में संजय थापा, महेश भूसाल, के.बी.कार्की,सुरेश गुरुगं,महेश छेत्री जी,कुशल वोहरा, शेर जंग राणा द्वारा दल की अगवानी किया गया।
मुख्य अतिथि कर्नल रविंद्र रावत(कमांडिंग ऑफिसर 11 यू.के बटालियन) की उपस्थिति में समिति की ओर से कर्नल विक्रम थापा ने सागरताल का ऐतिहासिक महत्व व युद्ध की पृष्ठभूमिका के अतिरिक्त वर्तमान परिस्थितियों में पर्यावरण के लिए पेड़ों की जरूरत एवं महत्व के विषय को एन.सी.सी प्रशिक्षणार्थियों के समक्ष रखा तत्पश्चात सभी एन.सी.सी प्रशिक्षुओं ने पैदल मार्ग से खलंगा वॉर मेमरियल पहुंचकर इसका अवलोकन किया। थापा ने एक बार फिर से सभी का स्वागत करते हुए विश्व प्रसिद्ध एंग्लो गोर्खा वार का इतिहास,दो,सौ सोलह(216) वर्ष पूर्व वर्तमान क्षेत्र की भौगोलिक महत्व एवं इतिहास,युद्ध की परिस्थितियां,प्रारंभ होने की तारीख, संघोली संघि,युद्ध समाप्ति का विवरण इन सभी का विस्तारपूर्वक वर्णन साक्ष्य के साथ केडटो के साथ साझा किया एव उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नों को प्रमाण सहित उत्तर दिया।
कर्नल रविंद्र रावत ने अपने संबोधन में कहां की एन.सी.सी से संबंधित आयोजन ऐसे ऐतिहासिक वीरों की भूमि पर होनी चाहिए। आयोजन के सफलता का पूरा श्रेय बलभद्र विकास समिति को देते हुए धन्यवाद किया एव समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दिये। एक भारत श्रेष्ठ भारत मिशन के अंतर्गत इस सफल आयोजन की समाप्ति दोनों ओर से अधिकारियों तथा पदाधिकारी की उपस्थित में स्मृति चिन्ह देकर संपन्न हुआ।

