नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नाबालिग बच्ची के साथ यौन शोषण करने के आरोपी 66 वर्षीय ठेकेदार उस्मान खान की दूसरे जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से निचली अदालत के ट्रायल को लेकर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। शुक्रवार को मामले की न्यायमूर्ति आलोक महरा की पीठ में सुनवाई हुई।
आरोपी की ओर से कहा गया कि हाईकोर्ट की एकलपीठ ने जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए एडीजे हल्द्वानी को तीन महीने में ट्रायल पूरा करने के निर्देश दिए थे। ट्रायल अभी पूरा नहीं हुआ है। यह भी कहा गया कि ट्रायल कोर्ट में प्रमुख गवाहों के बयान हो चुके हैं। अब बयानों में छेड़छाड़ की आशंका नहीं है। अतः आरोपी को जमानत प्रदान कर दी जाए।
हालांकि अदालत ने आरोपी को आज कोई राहत नहीं देते हुए ट्रायल कोर्ट को निर्धारित समय के अंदर ट्रायल की रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले के अनुसार आरोपी उस्मान खान के खिलाफ आरोप दर्ज है कि उसने एक 12 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया है। इसकी शिकायत परिजनों ने नैनीताल के मल्लीताल थाने में दर्ज की गई थी।
इस घटना से स्थानीय लोग काफी आक्रोशित हुए थे। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया था। आक्रोशित भीड़ ने तोड़फोड़ भी की थी। उसके बाद पुलिस ने भीड़ को शांत करने के लिए आश्वासन दिया था कि जांच के उपरांत उस्मान को हिरासत में लिया जाएगा। आगे यह भी कहा कि आरोपी को जांच के उपरांत सजा मिलेगी। तभी से आरोपी जेल में बंद है।
65 साल के बुजुर्ग उस्मान खान पर 12 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगने के बाद नैनीताल का माहौल बहुत खराब हो गया था। तनाव की स्थिति को देखते हुए नैनीताल की प्रमुख सामाजिक एवं धार्मिक संस्था अंजुमन इस्लामिया ने भी आरोपी के परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का ऐलान किया था।
अंजुमन इस्लामिया के सदर (अध्यक्ष) शोएब अहमद ने इस मामले को लेकर नैनीताल में पत्रकार वार्ता की थी। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया था कि आरोपी को अब नैनीताल में होने वाले किसी भी धार्मिक, सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाएगा। यहां तक आरोपी के परिवार के मस्जिद में आने पर भी रोक लगाई गई थी।
6 मई 2025 को नैनीताल हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान तत्कालीन नैनीताल एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए थे। उन्होंने कोर्ट को अवगत कराया था कि आरोपी पर पॉक्सो के अलावा एससी एक्ट की भी धारा लगाई गई है। दरअसल पीड़ित बच्ची अनुसूचित जाति की है।

