हाईकोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी का आदेश किया निरस्त, 390 छात्रों को मिली राहत

नैनीताल । उत्तराखंड हाईकोर्ट ने जिला उधमसिंह नगर के रुद्रपुर में गुरुनानक डिग्री कॉलेज के पास राज्य सरकार के द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल की मान्यता रद्द करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी उधमसिंह नगर के आदेश को नियम विरुद्ध पाते हुए उसे निरस्त कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने स्कूल प्रबंधक से कहा है कि वे जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा जारी नोटिस का जवाब दस दिन के भीतर दें।
मामले के अनुसार रुद्रपुर के गुरुनानक डिग्री कालेज के पास डिजिटल वर्ल्ड नामक स्कूल संचालित होता है। इसके आसपास कई अन्य स्कूल भी संचालित हैं। इस स्कूल में क्लास एक से पांच तक के 390 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल को चलाने के लिए 2025 में राज्य सरकार ने मान्यता दी थी। 6 मई 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी उधमसिंह नगर के द्वारा स्कूल का निरीक्षण करके कहा गया कि स्कूल मानकों के अनुरुप नहीं चल रहा है। इस पर दो दिन के भीतर अपनी प्रतिक्रिया पेश करें। समय पर उसका उत्तर नहीं दिये जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 12 मई को स्कूल की मान्यता रद्द करने के आदेश जारी कर दिये।
जिसके खिलाफ स्कूल ने कोर्ट की शरण ली। उनके द्वारा कहा गया स्कूल को 2025 में राज्य सरकार के द्वारा मान्यता दी गयी थी। उनका पक्ष सुने बिना आनन फानन एक सप्ताह में मान्यता रद्द कर दी गयी। अभी शैक्षणिक सत्र चल रहा है। अगर मान्यता रद्द करनी ही थी तो उनका पक्ष भी सुना जाना चाहिए था। उन्होंने बताया अभी उनके स्कूल में 390 बच्चे पढ़ रहे हैं। अभी उनको कौन सा स्कूल एडमिशन देगा? इस आदेश से स्कूल में पढ़ने वाले छात्र सहित उनके अभिभावक परेशान हो रहे हैं। इसलिए इस आदेश को निरस्त किया जाये। यह आदेश शिक्षा के अधिकार अधिनियम के विरुद्ध है।
इस मामले पर नैनीताल हाईकोर्ट ने स्कूल को राहत दी है। कोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश को निरस्त कर दिया है। साथ ही स्कूल को जिला शिक्षा अधिकारी के नोटिस का जवाब भी देने को कहा है।

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