सूबे में गठित होंगे आठ नये सहकारी संघः डाॅ. धन सिंह रावत

विधानसभा क्षेत्र स्तर पर भी आयोजित होंगे सहकारी मेले

नाबार्ड द्वारा चयनित 13 उत्कृष्ट समितियों को किया सम्मानित

देहरादून। सूबे में सहकारिता के विस्तार को आठ नये सहकारी संघ गठित किये जायेंगे। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। जनपद स्तर के बाद अब विधानसभा क्षेत्रों में भी सहकारिता मेलों का आयोजन किया जायेगा, ताकि किसानों, काश्तकारों, कारीगरों व महिला स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध हो सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य आज सहकारिता विभाग द्वारा देहरादून में ‘सहकार मंथन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेशभर के बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के अध्यक्षों, सहकार बंधुओं एवं सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में विगत पांच वर्षों में सहकारिता की उपलब्धियों, चुनौतियों एवं भविष्य की कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि डाॅ. रावत ने कहा कि सूबे में सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुये हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों को सहकारिता से जोड़ने के लिये और अधिक प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिये शीघ्र ही प्रदेश में आठ नये सहकारी संघ गठित किये जायेंगे। जिनमें लखपति दीदी फेडरेशन, महिला स्वयं सहायता समूह फेडरेशन, वन पंचायत फेडरेशन, स्वास्थ्य फेडरेशन, प्लंबर एवं जल कार्यकर्ता फेडरेशन, भारत टैक्सी फेडरेशन, एविएशन फेडरेशन तथा यूथ फेडरेशन शामिल हैं। डाॅ. रावत ने कहा कि 21 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को और अधिक संगठित व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूह फेडरेशन गठित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा लखपति दीदी फेडरेशन के माध्यम से महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा। वन पंचायत फेडरेशन के माध्यम से वन आधारित आजीविका, नर्सरी विकास एवं ग्रामीण किसानों को जोड़ा जाएगा। प्लंबर फेडरेशन राज्य के कुशल कारीगरों को संगठित कर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराएगा। भारत टैक्सी फेडरेशन के माध्यम से प्रदेश के लगभग 47 हजार वाहन चालक आधुनिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे, जबकि यूथ फेडरेशन का लक्ष्य एक वर्ष में एक लाख युवाओं को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ना है। इस अवसर पर डाॅ. रावत ने कहा कि जिला स्तर पर आयोजित सहकारिता मेलों की सफलताओं को देखते हुये अब सभी विधानसभा क्षेत्रों में मेलाओं आयोजन किया जायेगा, इसके लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं।

इस अवसर पर घनसाली विधायक शक्तिलाल शाह ने राज्य में सहकारिता क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व कार्यों एवं नवाचारों की सराहना करते हुए सहकारिता मंत्री का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सहकारी मेलों के आयोजन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के पूर्व अध्यक्ष मातवर सिंह रावत एवं जिला सहकारी बैंक टिहरी के पूर्व अध्यक्ष सुभाष रमोला ने केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय के पाँच वर्ष पूर्ण होने एवं प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति एवं उपलब्धियों पर अपने विचार रखे। जबकि निबंधक सहकारिता डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने विभागीय योजनाओं एवं सहकारिता क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और जनसहभागिता के माध्यम से सहकारिता को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।

कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए प्रतिनिधियों के साथ ही नैनीताल, ऊधम सिंह नगर एवं हरिद्वार जनपदों की सहकारी समितियों के सहकार बंधुओं ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। सहकारिता मंत्री डाॅ. रावत ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें विभाग की भावी कार्ययोजना में शामिल करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का संचालन सहकारिता सप्ताह के नोडल अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक, प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियनएम.पी. त्रिपाठी ने किया, जबकि संयुक्त निबंधक रमिंद्री मंद्रवाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में उप निबंधक सहकारिता, समस्त जिला सहायक निबंधक, विभिन्न सहकारी समितियों के प्रतिनिधि, सचिव, सहकार बंधु तथा विभागीय अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

सूबे की 13 उत्कृष्ट सहकारी समितियों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत के हाथों प्रदेशभर की 13 उत्कृष्ट सहकारी समितियों को प्रशस्ति प्रत्र देकर सम्मानित किया गया। जिसमें एमपैक्स बागेश्वर, पनुवानौला (अल्मोडा), गडोलिया (टिहरी), कुमौड (पिथौरागढ़), चम्पावत, कुवंरपुर (नैनीताल), गोपेश्वर (चमोली), पनियाला (हरिद्वार), सुखरो (पौड़ी), विकासनगर (देहरादून), नौगांव (उत्तरकाशी), जसपुर (ऊधमसिंह नगर) तथा अगस्त्यमुनि (रूद्रप्रयाग) शामिल है। इसके अलावा नाबार्ड द्वारा चयनित उत्कृष्ट बैंकों जिला सहकारी बैंक चमोली व पौड़ी को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने पर दुधारखाल बहुउद्देशीय सहकारी समिति (पौड़ी गढ़वाल) तथा सिद्ध बाबा कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ), पौड़ी को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड आवास एवं निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड, काशीपुर द्वारा जनपद ऊधम सिंह नगर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ एवं देहरादून में लगभग 10 करोड़ 24 लाख 35 हजार रुपये की लागत से निर्मित विभिन्न कार्यालय भवनों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया। इसके अलावा इस अवसर पर विभागीय मंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूह उज्ज्वल, होशियारी एवं माता वैष्णवी को पाँच-पाँच लाख रुपये के ब्याज मुख्य पर ऋण के चेक प्रदान किये। इसके अलावा गुजारना बहुउद्देशीय सहकारी समिति एवं सरोना समिति को माइक्रो एटीएम भी वितरित किये गये।

!-- Google tag (gtag.js) -->