देहरादून। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (VMSBUTU)तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के बीच शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 19 मार्च, 2026 को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता प्रो. (डॉ.) तृप्ता ठाकुर, कुलपति, वीएमएसबीयूटीयू तथा प्रो. के.के. पंत, निदेशक, आईआईटी रुड़की के बीच संपन्न हुआ । यह समझौता दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों, शिक्षकों (संकाय) और विभागों के बीच सीधे सहयोग और संवाद को मजबूत करेगा। इसका उद्देश्य शिक्षा, शोध और तकनीकी विकास के क्षेत्र में मिलकर काम करना और नई तकनीकों के आदान-प्रदान के माध्यम से शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। इस समझौते के तहत दोनों संस्थान अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम तकनीकी विकास और स्वचालन (Automation) से जुड़ी जानकारी साझा करेंगे। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई को अधिक व्यावहारिक बनाया जा सकेगा और उन्हें नई तकनीकों को समझने का बेहतर अवसर मिलेगा। एमओयू के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप, प्रशिक्षण और “लर्निंग बाय डूइंग” यानी करके सीखने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही, दोनों संस्थान संयुक्त रूप से शोध कार्य, सेमिनार, कार्यशालाएं और औद्योगिक परियोजनाएं भी आयोजित करेंगे। दोनों संस्थान अपने-अपने संसाधनों जैसे प्रयोगशालाएं, कार्यशालाएं और अन्य सुविधाएं साझा करेंगे, जिससे विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए एक-दूसरे के संस्थानों में जाकर सीखने और अनुभव प्राप्त करने के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे। इस समझौते में एमटेक/एमई और पीएचडी विद्यार्थियों के लिए संयुक्त शोध, मार्गदर्शन और शैक्षणिक सहयोग की संभावनाएं भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, दोनों संस्थान एक-दूसरे के पुस्तकालय संसाधनों का उपयोग करने की सुविधा भी प्रदान करेंगे। विशेष रूप से, आईआईटी रुड़की द्वारा टीएचडीसी-आईएचईटी, टिहरी (VMSBUTU का परिसर संस्थान) में एक उन्नत अनुसंधान सुविधा स्थापित करने की योजना है। यह केंद्र डैम सेफ्टी, मल्टी-हैजर्ड वार्निंग सिस्टम, भूमि एवं जल प्रबंधन, स्मार्ट ऑटोमेशन, इलेक्ट्रिक वाहन और ग्रीन एनर्जी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य करेगा। कुलपति प्रो. (डॉ.) तृप्ता ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि, “यह समझौता तकनीकी शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को उन्नत तकनीकों के साथ कार्य करने का अवसर मिलेगा तथा नवाचार एवं कौशल विकास को नई गति प्राप्त होगी। यह समझौता तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और संस्थानों के बीच सहयोग और भी सुदृढ़ होगा। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) तृप्ता ठाकुर, कुलपति, वीएमएसबीयूटीयू, प्रो. के.के. पंत, निदेशक, आईआईटी रुड़की, सुश्री पामेला टिक्कू, वाइस प्रेसिडेंट, महिंद्रा, प्रो. विकास सिंह, सचिव, स्वदेशी शोध संस्थान, प्रो. मनोज कुमार पांडा, निदेशक, महिला प्रौद्योगिकी संस्थान तथा प्रो. शरद प्रधान, निदेशक, टीएचडीसी-आईएचईटी भी उपस्थित रहे।

